अयूब 18:1-20 CGOCV2024 - Bible AI

1तब सूही के रहइया बिलदद ह जबाब दीस:

2“तेंह कब ये भासन ला खतम करबे?

3हमन काबर पसु सहीं समझे जावत हन

4तें जऊन ह अपन रिस म अपनआप ला कुटा-कुटा करत हस,

5“दुस्ट मनखे के दीया ह बुता जाथे;

6दुस्ट मनखे के डेरा म अंजोर ह अंधियार हो जाथे,

7ओकर गोड़ के बल ह कमजोर हो जाथे;

8ओकर पांव ह ओला जाल म फंसोथे;

9फांदा ह ओकर एड़ी ला जकड़ लेथे;

10भुइयां म ओकर बर एक फांदा छिपे हवय;

11आतंक ह ओला जम्मो कोति ले चउंकाथे

12बिपत्ति ह ओकर बर भूखन हवय;

13येह ओकर चाम के भागमन ला खा जाथे;

14ओह अपन डेरा के सुरकछा ले चीर डाले जाथे

15आगी ह ओकर डेरा म रहिथे;

16ओकर जरी ह खाल्हे ले सूखा जाथे

17धरती ले ओकर सुरता ह मिट जाथे;

18ओला अंजोर ले अंधियार के जगह म भगाय जाथे

19अपन मनखेमन के बीच म, ओकर कोनो संतान नइं रहंय,

20पछिम के मनखेमन ओकर दुरदसा ला देखके डराथें;

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