अयूब 23:1-16 CGOCV2024 - Bible AI

1तब अयूब ह जबाब दीस:

2“आज घलो मोर सिकायत ह करू अय;

3कहूं मेंह सिरिप ये जानतेंव कि ओह कहां मिलही;

4मेंह अपन मामला ओकर आघू म रखतेंव

5मेंह पता लगातेंव कि ओह मोला का जबाब देतिस,

6का ओह अपन पूरा बल ले मोर संग बहस करही?

7उहां ईमानदार मनखे ह ओकर आघू म अपन निरदोस होय के बात ला साबित कर सकथे,

8“पर कहूं मेंह पूरब दिग म जावंव, त ओह उहां नइं ए;

9जब ओह उत्तर दिग म काम करत रहिथे, त मेंह ओला नइं देखंव;

10पर ओह जानथे कि मेंह कते रद्दा म जावत हंव;

11मेंह बहुंत नजदीकी ले ओकर पाछू म चले हंव;

12मेंह ओकर दिये मुहूं के हुकूम ले नइं हटे हंव;

13“पर ओह अपन बात म अडिग रहिथे, अऊ कोन ह ओकर बिरोध कर सकथे?

14ओह मोर बिरोध म अपन फैसला लेथे,

15येकरे कारन मेंह ओकर आघू म भयभीत हंव;

16परमेसर ह मोर मन ला हतास कर दे हवय;

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