अयूब 32:1-21 CGOCV2024 - Bible AI

1तब अयूब के ये तीनों संगी अयूब ला जबाब देना बंद कर दीन, काबरकि अयूब ह खुद के नजर म धरमी रिहिस।

2पर राम के परिवार के बूजवासी बारकेल के बेटा एलीहू ह अयूब के ऊपर बहुंत गुस्सा होईस काबरकि अयूब ह परमेसर के बदले अपनआप ला धरमी ठहिरात रिहिस।

3एलीहू ह ये तीनो संगीमन ऊपर घलो गुस्सा होईस, काबरकि ओमन अयूब ला जबाब नइं दे सकिन, अऊ तभो ले ओमन ओला दोसी ठहिराईन।

4एलीहू ह अयूब के आघू म गोठियाय बर इंतजार करत रिहिस, काबरकि ओह ओमन ले उमर म छोटे रिहिस।

5पर जब ओह देखिस कि ओ तीनों झन करा कहे बर अऊ कुछू नइं ए, त ओकर रिस ह भड़किस।

6तब बूजवासी बारकेल के बेटा एलीहू ह जबाब दीस:

7मेंह सोचत रहेंव, ‘उमर म बड़ेमन ला गोठियाना चाही;

8पर मनखे म येह आतमा ए,

9सिरिप सियान मनखेमन ही बुद्धिमान नइं होवंय,

10“एकरसेति मेंह कहत हंव: मोर बात ला सुनव;

11जब तुमन गोठियावत रहेव, त मेंह रूके रहेंव,

12मेंह पूरा धियान देके तुम्हर बात सुनेंव।

13ये झन कहव, ‘हमन बुद्धि पा गे हन;

14पर अयूब ह मोर बिरोध म कुछू नइं कहिस,

15“ओमन अबक हो गे हवंय अऊ ओमन करा कहे बर कुछू नइं ए;

16ओमन चुप हवंय अऊ बिगर कोनो जबाब के ठाढ़े हवंय,

17मेंह घलो अपन बात कहिहूं;

18काबरकि मेंह गोठमन ले भरे हवंव,

19भीतर म मेंह अंगूर के मंद के बोतल सहीं अंव,

20मेंह जरूर बोलहूं अऊ येकर ले मोला अराम मिलही;

21मेंह काकरो पखियपात नइं करंव,

Copyright © 2024 Biblica, Inc.
div>