अयूब 4:1-20 CGOCV2024 - Bible AI

1तब तेमान के रहइया एलीपज ह कहिस:

2“कहूं कोनो तोर ले दू सबद कहय, त का तेंह तमक जाबे?

3सोच, तेंह कतेक झन ला सिकछा दे हवस,

4तोर बचन ह ओमन ला सहारा देय हवय, जऊन मन लड़खड़ावत रिहिन;

5फेर अब दुख ह तोर ऊपर आवत हे, अऊ तेंह निरास होवत हस;

6का परमेसर के भक्ति ही तोर भरोसा

7“बिचार कर: कोन ह निरदोस होके कभू नास होय हवय?

8जइसने कि मेंह देखे हंव, जऊन मन बुरई ला जोतथें

9परमेसर के सांस ले ही ओमन नास हो जाथें;

10सेरमन गरजथें अऊ गुर्राथें,

11सिकार के कमी के कारन सेर ह मर जाथे,

12“एक ठन गोठ मोला गुपत म बताय गीस,

13रथिया बियाकुल करइया सपनामन के बीच म,

14तभे डर अऊ कंपकपी ह मोर म हमा गीस

15एक आतमा ह मोर चेहरा के सामने ले होके गीस,

16ओह रूक गीस,

17‘का नासमान मनखे ह परमेसर ले जादा धरमी हो सकथे?

18कहूं परमेसर ह अपन सेवकमन ऊपर भरोसा नइं करय,

19त फेर ओमन के का होही, जऊन मन माटी के घरमन म रहिथें,

20बिहान अऊ संझा के बीच म ओमन ला कुटा-कुटा करे जाथे;

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