1तब अयूब ह यहोवा ला जबाब दीस:
2“में जानत हंव कि तेंह जम्मो कुछू कर सकथस;
3तेंह पुछय, ‘ये कोन ए, जऊन ह बिगर गियान के मोर योजना म परदा डालत हवय?’
4“तेंह कहय, ‘अब सुन, मेंह गोठियाहूं;
5मोर कानमन तोर बात ला सुने हवंय
6एकरसेति मेंह अपनआप ला तुछ समझत हंव
7यहोवा ह अयूब ला अपन बात कहे के बाद, ओह तेमान के एलीपज ला कहिस, “मेंह तोर अऊ तोर दूनों संगीमन ऊपर गुस्सा हवंव, काबरकि तुमन मोर बिसय म सच बात नइं कहे हवव, जइसे कि मोर सेवक अयूब ह कहिस।
8एकरसेति, अब तुमन सात ठन बईला अऊ सात ठन मेढ़ा ला लेके मोर सेवक अयूब करा जावव अऊ अपन बर होम-बलिदान करव। मोर सेवक अयूब ह तुम्हर बर पराथना करही, अऊ मेंह ओकर पराथना ला गरहन करहूं अऊ मेंह तुम्हर संग तुम्हर मुरूखता के मुताबिक बेवहार नइं करहूं। तुमन मोर बारे म सच बात नइं कहे हवव, जइसे कि मोर सेवक अयूब ह कहिस।”
9एकरसेति तेमान के एलीपज, सूही के बिलदद अऊ नामात के सोपर वइसनेच करिन जइसने यहोवा ह ओमन ला कहे रिहिस; अऊ यहोवा ह अयूब के पराथना ला गरहन करिस।
10जब अयूब ह अपन संगीमन बर पराथना कर डारिस, तब यहोवा ह ओकर जम्मो दुख ला दूर करिस अऊ जतेक संपत्ति अयूब करा पहिली रिहिस, ओकर दू गुना यहोवा ह ओला दीस।
11तब ओकर जम्मो भाई-बहिनी अऊ जतेक झन पहिली ओला जानत रिहिन, ओ जम्मो झन आईन अऊ अयूब के संग ओकर घर म जेवन करिन। अऊ जतेक बिपत्ति यहोवा ह अयूब ऊपर डाले रिहिस, ओ जम्मो के बारे म ओमन ओला सहानुभूति देखाके सांतवना दीन, अऊ हर एक झन ओला एक-एक ठन चांदी के टुकड़ा+ 42:11 सिक्का बने के पहिले येकर उपयोग खरिदी-बिकरी म करे जावय* अऊ सोन के बाली+ 42:11 माईलोगनमन नाक म पहिरंय (उत 24:47) अऊ आदमी अऊ माईलोगनमन कान म पहिरंय (निर 32:2‑3)* दीन।
12यहोवा ह अयूब के एकर बाद के जिनगी ला एकर पहिली के जिनगी ले जादा आसीस दीस। ओकर करा चौदह हजार भेड़, छै हजार ऊंट, एक हजार जोड़ी बईला अऊ एक हजार गदहीमन रिहिन।
13ओकर सात बेटा अऊ तीन बेटी रिहिन।
14ओह बड़े बेटी के नांव यमीमा, मंझली के नांव कसीआ, अऊ छोटे बेटी के नांव केरेन-हपूक धरिस।
15ओ जम्मो देस भर म अयूब के बेटीमन कस सुघर अऊ कोनो माईलोगन नइं रिहिन, अऊ ओमन के ददा अयूब ह ओमन ला ओमन के भाईमन के संग म संपत्ति के एक बांटा दीस।
16एकर बाद, अयूब ह एक सौ चालीस बछर तक जीयत रिहिस; ओह अपन लइका अऊ ओमन के लइकामन के चार पीढ़ी तक देखे बर पाईस।
17अऊ अयूब ह अपन पूरा उमर म डोकरा होके मर गीस।