अयूब 9:1-34 CGOCV2024 - Bible AI

1तब अयूब ह जबाब दीस:

2“सही म मेंह जानथंव कि येह सच अय।

3हालाकि ओमन ओकर ले बाद-बिबाद करे बर चाहिन,

4परमेसर ह अति बुद्धिमान ए अऊ अति बलवान ए।

5ओह पहाड़मन ला बिगर ओमन के जानकारी के टार देथे

6ओह धरती ला अपन जगह ले हला देथे

7ओकर कहे ले सूरज ह घलो अंजोर नइं देवय;

8ओह एके झन अकास-मंडल ला तानथे

9ओह सपतरसी अऊ सिकारी तारापुंज

10परमेसर ह अइसने अद्भूत काम करथे, जेला समझे नइं जा सकय,

11जब ओह मोर लकठा ले होके निकलथे, त मेंह ओला देख नइं सकंव;

12कहूं ओह कुछू झटकके ले जाथे, त कोन ह ओला रोक सकथे?

13परमेसर ह अपन रिस ला नइं रोकय;

14“त मेंह ओकर संग कइसे झगरा कर सकत हंव?

15हालाकि मेंह निरदोस रहेंव, तभो ले ओला जबाब नइं दे सकेंव;

16अऊ त अऊ कहूं मेंह ओकर ले गोहार पारतेंव अऊ ओह जबाब घलो देतिस,

17ओह आंधी चलाके मोला कुचर डारही

18ओह मोला सांस लेवन घलो नइं दीही

19कहूं येह बल के बात अय, त ओह बलसाली अय!

20चाहे मेंह बिना दोस के होवंव, पर मोर बात ह मोला गलत ठहिराही;

21“हालाकि में निरदोस अंव,

22जम्मो बात ह एकेच अय; एकरसेति मेंह कहिथंव,

23जब कोनो बिपत्ति ह अचानक मिरतू लानथे,

24जब कोनो भुइयां ला दुस्ट मनखे के हांथ म दिये जाथे,

25“मोर जिनगी के दिनमन दऊड़नेवाला ले घलो जादा तेजी ले बीतत हवंय;

26येमन पपीरस पऊधा के डोंगीमन कस निकल जावत हंय,

27कहूं मेंह कहंव, ‘मेंह अपन सिकायत ला भुला जाहूं

28तभो ले मेंह अपन जम्मो पीरा ले डरथंव,

29जब मेंह पहिले ले ही दोसी पाय गे हंव,

30चाहे मेंह अपनआप ला साबुन ले

31तभो ले तेंह मोला चीखला के खंचवा म डार देबे,

32“परमेसर ह मोर सहीं कोनो मरनहार मनखे नो हय कि मेंह ओला जबाब दे सकंव,

33यदि हमर बीच म कोनो समझौता करोइया होतिस,

34जऊन ह मोर ऊपर ले परमेसर के छड़ी ला टारतिस,

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