1हे सामरिया के पहाड़ ऊपर रहइया बासान के गायमन+ 4:1 गायमन सामरिया के अगुवा माईलोगनमन*, ये बचन ला सुनव,
2परमपरधान यहोवा ह अपन पबितरता के किरिया खाके कहत हवय:
3तुमन म के जम्मो झन
4“बेतेल नगर म जाके पाप करव;
5धनबाद-बलिदान के रूप म खमीर मिले रोटी ला जरोवव
6“मेंह हर सहर म तुमन ला भूखन पेट रखेंव
7“जब फसल लुवई ह तीन महिना बांचे रिहिस
8मनखेमन एक सहर ले दूसर सहर म पानी बर भटकिन
9“कई बार मेंह तुम्हर बारी अऊ अंगूर के बारी म फसल नइं होवन दें,
10“मेंह तुम्हर बीच म महामारी पठोंय
11“मेंह जइसन सदोम अऊ अमोरा सहरमन ला नास करेंव
12“एकरसेति हे इसरायल, मेंह तोर संग अइसन करहूं,