1मेंह दरसन म परभू ला बेदी के तीर म ठाढ़े देखेंव, अऊ ओह कहिस:
2चाहे ओमन खंचवा खनके बहुंत गहरई म चले जावंय,
3चाहे ओमन करमेल पहाड़ के टीप म लुका जावंय,
4चाहे ओमन बईरीमन के दुवारा बंधुवई म ले जाय जाहीं,
5परभू, सर्वसक्तिमान यहोवा—
6ओह अकास म अपन ऊंचहा महल ला बनाथे,
7“का तुमन इसरायली नो हव
8“सही म परमपरधान यहोवा के नजर ह
9“काबरकि मेंह हुकूम दूहूं,
10मोर मनखेमन के बीच ले जम्मो पापीमन
11“ओ दिन म,
12ताकि ओमन एदोम के बांचे मनखेमन ला
13“अइसन दिनमन आवत हवंय।” यहोवा ह घोसना करत हे,
14अऊ मेंह अपन मनखे इसरायलीमन ला बंधुवई ले वापिस ले आहूं।
15मेंह इसरायलीमन ला ओमन के निज देस म बसाहूं,