1एकरसेति, हे पबितर भाईमन, जऊन मन स्वरगीय बुलावा म सहभागी हवव, अपन धियान यीसू ऊपर लगावव, जऊन ला हमन प्रेरित अऊ महा पुरोहित मानथन।
2परमेसर ह ओला चुने रिहिस, अऊ ओह परमेसर के बिसवासयोग्य रिहिस, जइसने कि मूसा ह परमेसर के जम्मो घराना म बिसवासयोग्य रिहिस।
3घर के बनइया ह घर ले जादा आदर पाथे, वइसनेच यीसू ह मूसा ले बढ़के आदर पाय के लईक समझे गीस।
4काबरकि हर एक घर के कोनो न कोनो बनइया होथे। पर जऊन ह जम्मो चीज ला बनाईस, ओह परमेसर ए।
5“एक सेवक के रूप म मूसा ह परमेसर के जम्मो घराना म बिसवासयोग्य रिहिस,”+ 3:5 गन 12:7* अऊ ओह ओ बात के गवाही दीस, जऊन ला परमेसर ह अवइया समय म बतानेवाला रिहिस।
6पर मसीह ह एक बेटा के रूप म, परमेसर के घराना ऊपर बिसवासयोग्य अय। अऊ हमन ओकर घराना अन, यदि हमन अपन बिसवास अऊ आसा म मजबूती से बने रहिथन, जेकर कि हमन ला घमंड हवय।
7एकरसेति, जइसने कि पबितर आतमा ह कहिथे:
8त अपन हिरदय ला कठोर झन करव,
9ओमन उहां मोला परखिन अऊ जांचिन,
10एकरे कारन, मेंह ओ पीढ़ी के मनखेमन ले नराज रहेंव,
11एकरसेति, मेंह कोरोध म कसम खाके कहेंव,
12हे भाईमन हो, एकर धियान रखव कि तुमन ले काकरो पापमय अऊ अबिसवासी हिरदय झन होवय, जऊन ह कि जीयत परमेसर ले दूरिहा हो जाथे।
13पर हर एक दिन, एक-दूसर ला ढाढ़स बंधावव, जब तक कि येला आज कहे जाथे, ताकि तुमन कोनो घलो पाप के छल म पड़के कठोर झन होवव।
14जऊन बिसवास, हमर करा सुरू म रिहिस, यदि हमन ओमा आखिरी तक मजबूत बने रहन, तभे मसीह के काम म हमर बांटा हवय।
15जइसने कि परमेसर के बचन म ये कहे गे हवय:
16ओमन कोन रिहिन, जऊन मन परमेसर के अवाज ला सुनिन, अऊ ओकर बिरोध म बिदरोह करिन? का ओमन ओ जम्मो मनखे नइं रिहिन, जऊन मन ला मूसा ह मिसर देस ले निकालके लानिस?
17अऊ काकर ले परमेसर ह चालीस साल तक नराज रिहिस? का ओमन ले नो हय, जऊन मन पाप करिन अऊ निरजन प्रदेस म गिरके मर गीन?
18अऊ परमेसर ह कसम खाके कोन ला कहिस कि ओमन ओकर बिसराम म कभू नइं जा सकहीं? सिरिप ओमन ला, जऊन मन ओकर हुकूम नइं मानिन।