1में रोज रात भर ओला अपन बिस्तर म खोजेंव,
2अब मेंह उठहूं अऊ सहर म,
3जऊन पहरा देवइयामन सहर के पहरा देवत किंदरत रहिथें,
4मेंह ओमन ले थोरकून दूरिहा गे रहेंव
5हे यरूसलेम के बेटीमन, मेंह तुमन ला सुघर छोटे हिरन
6येह का ए, जऊन ह कुहरा के खंभा सहीं
7देखव, येह तो सुलेमान के पालकी अय,
8ओ जम्मो के जम्मो तलवार धरे हवंय
9राजा सुलेमान ह अपन बर पालकी बनवाय हवय;
10ओह येकर खंभामन ला चांदी ले,