उत्तम गीत 4:1-15 CGOCV2024 - Bible AI

1हे मोर मयारू, तेंह कतेक सुघर हस!

2तोर दांतमन अभीच ऊन कतरे भेड़मन के बरदी सहीं अंय,

3तोर ओंठ ह सिन्दूरी रंग के फीता सहीं अय;

4तोर घेंच ह दाऊद के मीनार सहीं अय,

5तोर दूनों स्तन हिरन के दू ठन पीलामन के सहीं अंय,

6जब तक दिन जुड़ा नइं जावय

7हे मोर मयारू, तेंह एकदम सुघर हस;

8हे मोर दुलहिन, लबानोन ले मोर संग आ,

9हे मोर बहिनी, मोर दुलहिन, तेंह तो मोर मन ला मोही डारे;

10हे मोर बहिनी, मोर दुलहिन, तोर मया ह कतेक खुसी देवत हे!

11हे मोर दुलहिन, तोर ओंठ ले मधु-छत्ता के सहीं मिठास ह चूहथे,

12हे मोर बहिनी, मोर दुलहिन, तेंह एक ताला लगे बारी के सहीं अस;

13तोर पऊधामन अनार के एक बारी अंय,

14गुलमेंहदी अऊ केसर,

15तेंह फव्वारा के बारी अस,

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