उत्तम गीत 5:1-15 CGOCV2024 - Bible AI

1हे मोर बहिनी, मोर दुलहिन, मेंह अपन बारी म आ गे हंव;

2में तो सुते रहेंव, पर मोर मन ह जागत रिहिस।

3मेंह अपन ओनहा ला उतार चुके हंव—

4मोर मयारू ह अपन हांथ ले कपाट के सिटकिनी ला धक्का देवथे;

5मेंह अपन मयारू बर कपाट ला खोले बर उठेंव,

6मेंह अपन मयारू बर कपाट ला खोलेंव,

7जब पहरेदारमन सहर म पहरा देवत रिहिन,

8हे यरूसलेम के बेटीमन, तुमन मोर ले वायदा करव—

9हे माईलोगन म परम सुन्दरी,

10मोर मयारू ह हंसमुख अऊ चमकीला ए,

11ओकर मुड़ ह सुध सोन के सहीं अय;

12ओकर आंखीमन पंड़कीमन सहीं अंय

13ओकर गालमन खुसबू देवत

14ओकर बाहांमन पुखराज ले सजे

15ओकर गोड़मन सुध सोन के नीव म बईठाय

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