1हे माईलोगन म परम सुन्दरी, तोर मयारू ह कहां चल दीस? तोर मयारू ह कते अंग चल दीस, बता कि हमन घलो तोर संग ओला खोजन? दुलहिन
2मोर मयारू ह खाल्हे अपन बारी कोति गे हवय जिहां मसाला के पऊधामन के क्यारी हवय, ओह बारी म भेड़-बकरी चराय बर अऊ कुमुदिनी फूल बटोरे बर गे हवय।
3मेंह अपन मयारू के अंव अऊ मोर मयारू ह मोर अय; ओह भेड़-बकरी ला कुमुदिनी फूलमन के बीच म चराथे। दूल्हा
4हे मोर मयारू, तें तिरसा+ 6:4 तिरसा ह उत्तरी इसरायल के पहिले के राजधानी रिहिस; देखव 1 राजा 14:17 अऊ 15:33 के सहीं सुघर, यरूसलेम के सहीं मनभावन, अऊ धजा फहरावत सेना सहीं सानदार हस।
5अपन नजर ला मोर कोति ले हटा ले; काबरकि ओमन मोला अभिभूत कर देथें। तोर चुंदी ह गिलाद पहाड़ ले उतरत छेरीमन के बरदी सहीं अय।
6तोर दांतमन नहा-खोरके ऊपर आवत भेड़मन के बरदी सहीं अंय, जेमा ले हर एक के जुड़वां हवय, अऊ ओमा के कोनो नइं गंवाय हवय।
7तोर घूंघट के भीतर तोर कनपटी ह अनार के आधा फर के सहीं अय।
8उहां साठ झन रानी, अऊ अस्सी झन रखैल, अऊ अब्बड़ अकन कुंवारी नोनीमन हो सकथें;
9पर मोर पंड़की, मोर सिद्ध जन ह तो अनोखा अय, ओह तो अपन दाई के एकलऊती बेटी अय, अऊ अपन जनम देवइया दाई के दुलारी अय। जवान माईलोगनमन ओला देखिन अऊ ओला धइन कहिन; रानीमन अऊ रखैलमन ओकर बड़ई करिन। सहेलीमन
10येह कोन ए, जेकर सोभा बिहान पाय के सोभा सहीं हवय, चंदा के सहीं साफ-सुघर, सूरज के सहीं चमकीला, अऊ धजा धरे सेनामन सहीं सोभायमान हवय? दुलहिन
11मेंह अखरोट के बारी म गेंव कि घाटी म नवां बढ़त रूख-रई ला देखंव, अऊ देखंव कि अंगूर के नारमन म पीका आवत हे कि नइं या अनार के रूख म फूल फूलत हे कि नइं।
12एकर पहिली कि में ये बात ला समझतेंव, मोर मन ह मोला मोर मनखेमन के राजसी रथमन म लगा दीस। सहेलीमन
13लहुंट आ, लहुंट आ, हे सुलाम के माईलोगन; लहुंट आ, लहुंट आ, कि हमन तोला एकटक देखन! दूल्हा दू ठन दलमन+ 6:13 महनैम, देखव उत 32:2 के नाचा ला देखे सहीं, तुमन सुलाम के माईलोगन ला एकटक काबर देखहू?