उत्तम गीत 7:1-12 CGOCV2024 - Bible AI

1हे राजकुमारी, कतेक सुघर लगत हें,

2तोर पेट के बोर्री ह गोल कटोरा के सहीं अय,

3तोर दूनों स्तन हिरन के दू ठन पीलामन के सहीं अंय,

4तोर घेंच ह हाथी-दांत के मीनार के सहीं अय।

5तोर मुड़ ह करमेल पहाड़ के सहीं तोला सोभा देवत हे।

6हे मोर मयारू, तेंह कतेक सुघर

7तोर डीलडौल ह खजूर के रूख के सही अय,

8मेंह कहेंव, “में खजूर के रूख म चघहूं;

9अऊ तोर मुहूं ह खांटी अंगूर के मंद सहीं होवय।

10मेंह अपन मयारू के अंव,

11हे मोर मयारू, आ, हमन गांव के खेत कोति जावन,

12आ, हमन बिहनियां उठके अंगूर के बारी म जावन

e>