1ओबदयाह के दरसन।
2“देख, मेंह जाति-जाति के बीच म तोला छोटे बना दूहूं;
3तोर मन के घमंड ह तोला धोखा दे हवय,
4हालाकि तें गिधवा के सहीं ऊंचई म उड़ियाथस
5“यदि चोरमन तोर करा आतिन,
6पर एसाव ला कइसे लूटे जाही,
7तोर सबो संगी राज के मन तोला सीमना तक भगा दीहीं;
8यहोवा ह घोसना करत हे, “ओ दिन,
9हे तेमान,+ 1:9 तेमान इहां येह पूरा देस ला देखाथे* तोर सूरबीरमन डरा जाहीं,
10तोर भाई याकूब के बिरूध हिंसा के कारन,
11ओ दिन तें अलग खड़े होके देखत रहय
12तेंह अपन भाई के दुरदसा के समय म
13मोर मनखेमन के संकट के समय म
14ओमन के भगोड़ामन ला मार डारे बर
15“सबो जाति के मनखेमन बर
16जइसने तेंह मोर पबितर पहाड़ ऊपर पीये,
17पर सियोन पहाड़ ऊपर छुटकारा होही;
18अऊ याकूब के घराना ह एक आगी
19नेगेव के मनखेमन आके
20कनान म रहइया इसरायली बंधुवामन के ये दल ह
21छुड़ानेवालामन एसाव के पहाड़मन ऊपर सासन करे बर