1एक अगमबानी:
2अऊ येकर सीमना ले लगे देस हमात ऊपर लगे हवय,
3सूर ह अपन बर एक मजबूत गढ़ बनाय हवय;
4पर परभू ह ओकर जम्मो चीजमन ला ले लीही
5अस्कलोन सहर ह येला देखके डरही;
6एक दोगला जाति के मनखेमन असदोद सहर ऊपर अधिकार कर लीहीं,
7मेंह ओमन के मुहूं ले खून,
8पर मेंह अपन मंदिर ला लुटेरामन ले बचाय बर
9हे बेटी सियोन, बहुंत आनंद मना!
10मेंह एपरैम ले रथमन ला
11जहां तक तुम्हर बात अय, तुम्हर संग मोर करार के लहू के कारन,
12हे आसा लगाय कैदीमन, अपन गढ़ म लहुंट आवव;
13मेंह यहूदा ला अपन धनुस सहीं मोड़हूं
14तब यहोवा ह ओमन ऊपर परगट होही;
15अऊ सर्वसक्तिमान यहोवा ओमन के रकछा करही।
16जइसन एक चरवाहा ह अपन झुंड ला बचाथे