1धिक्कार ए ओ खून के सहर+ 3:1 या नीनवे* ला,
2कोर्रा के चटके के अवाज,
3घुड़सवार सेना के हमला करई,
4ये जम्मो एक बेस्या के लम्पट वासना के कारन अय,
5यहोवा ह घोसना करत हे, “मेंह तुम्हर बिरूध हवंव।
6मेंह तुम्हर ऊपर कचरा-कूटा फटिकहूं,
7ओ जम्मो जऊन मन तुमन ला देखहीं, ओमन तुम्हर ले दूरिहा भागहीं अऊ कहिहीं,
8का तुमन ओ थेबेस सहर ले जादा बने अव,
9कूस अऊ मिसर देस ओकर बर असीमित बल रिहिन,
10तभो ले ओला बंधुवा बनाके
11हे नीनवे सहर, तेंह घलो नसा म मतवार हो जाबे;
12तोर जम्मो गढ़मन ओ अंजीर रूखमन सहीं अंय
13अपन सैनिक दलमन ला देख—
14अपन सैनिक घेरा बर पानी भर ले,
15उहां आगी ह तोला जलाके नास कर दीही;
16तुमन अपन बेपारीमन के संखिया
17तोर पहरेदारमन टिड्डीमन सहीं अंय,
18हे अस्सूर के राजा, तोर चरवाहामन+ 3:18 याने कि, सासकमन* ओंघाथें;
19तोर चंगई नइं हो सकय;