निरगमन 15:1-27 CGOCV2024 - Bible AI

1तब मूसा अऊ इसरायलीमन यहोवा बर ये गीत गाईन: “मेंह यहोवा बर गीत गाहूं, काबरकि ओह महान परतापी अय। घोड़ा अऊ घुड़सवार दूनों ला ओह समुंदर म फटिक दे हवय।

2“यहोवा ह मोर बल अऊ मोर सुरकछा+ 15:2 या गीत अय; ओही ह मोर उद्धार अय। ओह मोर परमेसर अय, अऊ मेंह ओकर परसंसा करहूं, ओह मोर ददा के परमेसर अय, अऊ मेंह ओकर महिमा करहूं।

3यहोवा ह योद्धा अय; ओकर नांव यहोवा अय।

4फिरौन के रथमन ला अऊ ओकर सेना ला ओह समुंदर म फटिक दे हवय। फिरौन के सबले बढ़िया अधिकारीमन लाल-समुंदर म बुड़ गे हवंय।

5गहिरा पानी ह ओमन ला ढांप ले हवय; ओमन गहरई म पथरा कस बुड़ गीन।

6हे यहोवा, तोर जेवनी हांथ ह ताकत म सानदार रिहिस। हे यहोवा, तोर जेवनी हांथ ह बईरीमन ला चकनाचूर कर दीस।

7“अपन बड़े महानता म, तेंह अपन बिरोधीमन ला खाल्हे फटिक देय। तोर भयंकर गुस्सा ह भड़किस; येह भूंसा के सहीं ओमन ला भसम कर दीस।

8तोर नाक के फूंक ले पानी ह संकला गीस। पानी के लहरा ह दीवार के सहीं ठाढ़ हो गीस; गहिरा पानी ह समुंदर के मांझा म जम गीस।

9बईरी ह ये कहिके डींग मारिस, ‘मेंह पीछा करहूं, मेंह ओमन ला धर लूहूं। मेंह लूट के सामान ला बांट लूहूं; मेंह ओमन ला अपन बर ठूंसके भर लूहूं। मेंह अपन तलवार ला खींचके निकालहूं अऊ मोर हांथ ह ओमन ला नास कर दीही।’

10पर तेंह अपन सांस फूंके, अऊ समुंदर ह ओमन ला ढांप लीस। ओमन अथाह पानी म सीसा के सहीं बुड़ गीन।

11हे यहोवा, देवतामन म तोर कस कोन हवय? कोन हवय तोर कस— पबितरता म सानदार, महिमा म अद्भूत, अऊ अचम्भो के काम करइया?

12“तेंह अपन जेवनी हांथ ला बढ़ाथस, अऊ धरती ह तोर बईरीमन ला लील लेथे।

13अपन बड़े मया म तेंह ओ मनखेमन के अगुवई करबे, जेमन ला तेंह छोंड़ाय हस। अपन ताकत ले तेंह ओमन ला अपन पबितर निवास म ले जाबे।

14जाति-जाति के मनखेमन सुनके कांपे लगहीं; पलिस्ती के मनखेमन म डर हमा जाही।

15एदोम के मुखियामन भयभीत हो जाहीं, मोआब के अगुवामन कांपे लगहीं, कनान के मनखेमन+ 15:15 या सासकमन के मन ह पिघल जाही;

16आतंक अऊ भय ओमन म छा जाही। हे यहोवा, जब तक कि तोर मनखेमन निकल नइं जावंय, जब तक कि तोर बिसाय+ 15:16 या बनाय मनखेमन निकल नइं जावंय, तोर भुजबल के दुवारा ओमन पथरा के सहीं इस्थिर बने रहिहीं।

17तेंह ओमन ला लानबे अऊ अपन निज भाग के पहाड़ म ओमन ला बसाबे— हे यहोवा, येह ओ जगह अय, जेला तेंह अपन निवास बर बनाय, हे परभू, येह ओ पबितर-स्थान अय, जेला तेंह अपन हांथ ले इस्थिर करे हस।

18“यहोवा ह सदाकाल बर राज करथे।”

19जब फिरौन के घोड़ा, रथ अऊ घुड़सवारमन+ 15:19 या सारथीमन समुंदर म आ गीन, त यहोवा ह ओमन ऊपर समुंदर के पानी ला वापिस ले आईस, पर इसरायलीमन सूखा भुइयां म समुंदर ले होके रेंगत निकल गीन।

20तब हारून के बहिनी, मिरियम अगमजानी ह अपन हांथ म डफली धरिस, अऊ ओकर संग जम्मो माईलोगनमन डफली धरके नाचे लगिन।

21मिरियम ह ओमन बर ये गीत गाईस: “यहोवा के गीत गावव, काबरकि ओह महान परतापी अय। घोड़ा अऊ घुड़सवार दूनों ला ओह समुंदर म फटिक दे हवय।” मारा अऊ एलीम के पानी

22तब मूसा ह इसरायलीमन ला लाल-समुंदर ले सूर के सुन्ना जगह म ले गीस। तीन दिन तक ओमन सुन्ना जगह म चलिन, पर ओमन ला पानी नइं मिलिस।

23जब ओमन मारा नांव के ठऊर म आईन, त ओमन उहां के पानी ला नइं पी सकिन, काबरकि ओ पानी ह करू रिहिस। (एकर कारन ओ ठऊर ला मारा+ 15:23 मारा के मतलब होथे करू कहे जाथे।)

24तब मनखेमन मूसा के बिरूध बड़बड़ाय लगिन अऊ कहिन, “हमन का ला पीबो?”

25तब मूसा ह यहोवा करा गोहारिस, अऊ यहोवा ह ओला एक ठन लकड़ी के कुटा देखाईस। मूसा ह ओला पानी म फटिक दीस, अऊ ओ पानी ह पीये के लईक हो गीस। उहां यहोवा ह ओमन बर एक ठन नियम अऊ हुकूम बनाईस अऊ ओमन ला परखिस।

26ओह कहिस, “कहूं तुमन यहोवा अपन परमेसर के बात ला धियान देके सुनहू, अऊ जऊन कुछू ओकर नजर म सही अय, ओला करहू, कहूं तुमन ओकर हुकूम अऊ ओकर जम्मो नियममन ला मानहू, त जऊन महामारी मेंह मिसरीमन ऊपर लाने रहेंव, ओमा के एको ठन ला तुम्हर ऊपर नइं लानंव, काबरकि मेंह यहोवा अंव, जऊन ह तुमन ला चंगा करथे।”

27तब ओमन एलीम नांव के जगह म आईन, जिहां पानी के बारह ठन सोता अऊ सत्तर ठन खजूर के रूख रहंय, अऊ ओमन ओ सोतामन के पानी के तीर म अपन डेरा डालिन।