नीतिबचन 1:1-32 CGOCV2024 - Bible AI

1दाऊद के बेटा इसरायल के राजा सुलेमान के नीतिबचन:

2येमन ला पढ़नेवाला ह बुद्धि अऊ सिकछा पावय;

3अऊ बुद्धि के काम, धरमीपन, नियाय,

4येमन ला पढ़नेवाला भोला-भाला मनखे ला बुद्धि,

5बुद्धिमान मनखे ह येला सुनके अपन सिकछा ला बढ़ाय,

6ताकि ओमन नीतिबचन अऊ पटंतर ला,

7यहोवा के भय मनई गियान के सुरूआत ए,

8हे मोर बेटा, अपन ददा के सिकछा ला सुन,

9काबरकि ओमन तोर मुड़ म सोभा देवइया मुकुट

10हे मोर बेटा, यदि पापी मनखेमन तोला बहकाथें,

11यदि ओमन ये कहंय, “हमर संग आ

12आ, हमन ओमन ला अइसन जीयत अऊ सइघो लील लेवन,

13हमन ला जम्मो किसम के कीमती चीज मिलही

14हमर संग चिट्ठी डाल;

15हे मोर बेटा, ओमन के संग झन जा,

16काबरकि ओमन खराप काम करे बर दऊड़थें,

17जब जम्मो चिरईमन देखत रहिथें,

18ये मनखेमन अपनेच हतिया करे के ताक म रहिथें;

19जम्मो लालची मनखेमन के चाल ह अइसनेच होथे;

20बुद्धि ह बाहिर म जोर से पुकारत हे,

21दीवार के ऊपर ले ओह चिचियाथे,

22“हे भोला-भाला मनखेमन, तुमन कब तक अपन भोलापन ले मया करहू?

23यदि तुमन मोर दबकार ला सुनके मन फिराहू,

24पर जब में तुमन ला बलाएंव, त तुमन नइं सुने चाहेव,

25काबरकि तुमन मोर जम्मो सलाह ला अनसुना करेव

26एकरसेति, जब तुम्हर ऊपर बिपत्ति पड़ही, त मेंह हंसहूं,

27जब संकट ह गरेर के सहीं तुम्हर ऊपर आही,

28“तब ओमन मोला बलाहीं, पर में ओमन ला जबाब नइं दूहूं;

29काबरकि ओमन गियान के बात ले घिन करिन

30ओमन मोर सलाह ला अनसुना करिन

31एकरसेति, ओमन अपन करनी के फर भोगहीं

32काबरकि सीधा-साधा मनखेमन के मनमानी ले ओहीचमन के नुकसान होही,