नीतिबचन 2:1-21 CGOCV2024 - Bible AI

1हे मोर बेटा, यदि तेंह मोर बचन ला गरहन करथस

2अऊ बुद्धि के बात ला धियान से सुनथस

3वास्तव म, यदि तेंह अंतर-गियान मांगथस

4अऊ तेंह येला अइसने खोजथस, जइसने कोनो चांदी ला खोजथे

5त तेंह यहोवा के भय ला समझबे

6काबरकि यहोवा ह बुद्धि देथे;

7ओह ईमानदार मनखे ला सफल बनाथे,

8काबरकि ओह नियाय के रसता म चलइया के पहरेदारी करथे

9तब तेंह समझबे कि कते बात ह सही अऊ नियाय

10काबरकि बुद्धि ह तोर हिरदय म आही,

11तोर बिबेक के बात ह तोर रकछा करही,

12बुद्धि ह तोला ओ दुस्ट मनखेमन के चाल ले,

13जऊन मन सही रसता ला छोंड़ दे हवंय

14जऊन मन गलत काम म खुस होथें

15जऊन मन टेढ़ा चाल चलथें

16बुद्धि ह तुमन ला ओ छिनारी माईलोगन,

17जऊन ह अपन जवानी के संगी ला छोंड़ दे हवय

18खचित ओकर घर ह खाल्हे मिरतू कोति ले जाथे

19जऊन मन ओकर करा जाथें, ओमा के कोनो लहुंटके नइं आवंय

20ये किसम ले, तेंह भलई के डहार म चलबे

21काबरकि धरमी मनखेमन धरती म बसे रहिहीं,