1हे मोर बेटा, यदि तेंह मोर बचन ला गरहन करथस
2अऊ बुद्धि के बात ला धियान से सुनथस
3वास्तव म, यदि तेंह अंतर-गियान मांगथस
4अऊ तेंह येला अइसने खोजथस, जइसने कोनो चांदी ला खोजथे
5त तेंह यहोवा के भय ला समझबे
6काबरकि यहोवा ह बुद्धि देथे;
7ओह ईमानदार मनखे ला सफल बनाथे,
8काबरकि ओह नियाय के रसता म चलइया के पहरेदारी करथे
9तब तेंह समझबे कि कते बात ह सही अऊ नियाय
10काबरकि बुद्धि ह तोर हिरदय म आही,
11तोर बिबेक के बात ह तोर रकछा करही,
12बुद्धि ह तोला ओ दुस्ट मनखेमन के चाल ले,
13जऊन मन सही रसता ला छोंड़ दे हवंय
14जऊन मन गलत काम म खुस होथें
15जऊन मन टेढ़ा चाल चलथें
16बुद्धि ह तुमन ला ओ छिनारी माईलोगन,
17जऊन ह अपन जवानी के संगी ला छोंड़ दे हवय
18खचित ओकर घर ह खाल्हे मिरतू कोति ले जाथे
19जऊन मन ओकर करा जाथें, ओमा के कोनो लहुंटके नइं आवंय
20ये किसम ले, तेंह भलई के डहार म चलबे
21काबरकि धरमी मनखेमन धरती म बसे रहिहीं,