नीतिबचन 23:1-34 CGOCV2024 - Bible AI

1जब तेंह कोनो हाकिम के संग खाय बर बईठबे,

2यदि तेंह पेटू अस,

3ओकर सुवादवाले जेवन के लालसा झन करबे,

4धनी होय बर मेहनत झन करबे;

5एक नजर उठाके धन ला देख, ओह तुरते गायब हो जाथे,

6कंजूस मनखे के जेवन झन करबे,

7काबरकि ओह अइसने मनखे अय

8जऊन थोरकन तेंह खाय हवस, ओला उछर देबे

9मुरूखमन के आघू म झन गोठिया,

10पुराना सीमना के पथरा ला झन हटाबे

11काबरकि ओमन के बचाव करइया+ 23:11 या यहोवा* ह सामर्थी ए;

12अपन मन ला हुकूम माने बर

13लइका के ताड़ना करे बर झन छोंड़;

14ओला छड़ी ले मार

15हे मोर बेटा, यदि तेंह बुद्धिमान अस,

16जब तेंह सही बात गोठियाबे,

17पापी मनखेमन के बारे म जलन झन रखबे,

18खचित तोर बर भविस्य के एक आसा हवय,

19हे मोर बेटा, सुन, अऊ बुद्धिमान बन,

20जऊन मन बहुंत जादा मंद पीथें

21काबरकि मतवार अऊ भुक्खड़मन गरीब हो जाथें,

22अपन जनम देवइया ददा के बात ला सुने कर,

23सच्चई ला बिसा अऊ येला बेचबे झन—

24धरमी लइका के ददा ह बहुंत आनंदित होथे;

25तोर ददा अऊ दाई आनंदित होवंय;

26हे मोर बेटा, अपन हिरदय मोला दे

27काबरकि छिनार माईलोगन ह एक गहिरा खंचवा सहीं अय,

28ओह एक डाकू के सहीं घात लगाय रहिथे

29कोन ला हाय लगथे? कोन ह दुख म होथे?

30ओमन, जऊन मन बहुंत देर तक मंद पीयत रहिथें,

31जब मंद ह लाल होथे,

32आखिरी म येह सांप के सहीं चाबथे

33तेंह अजीब चीजमन ला देखबे,

34तेंह समुंदर म उठत लहरामन ऊपर सोवइया,

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