नीतिबचन 3:1-34 CGOCV2024 - Bible AI

1हे मोर बेटा, मोर सिकछा ला झन भुलाबे,

2काबरकि अइसने करे ले तोर उमर ह बढ़ही

3मया अऊ ईमानदारी तोला कभू झन छोंड़ंय;

4तब तोर ऊपर परमेसर अऊ मनखे दूनों के अनुग्रह होही

5तें अपन समझ के ऊपर भरोसा झन कर,

6अपन जम्मो काम ओकर ईछा के मुताबिक कर,

7अपन नजर म बुद्धिमान झन बन;

8अइसने करे ले तोर देहें ह भला-चंगा

9अपन संपत्ति के दुवारा अऊ अपन भुइयां के

10तब तोर कोठार ह फसल ले भरे रहिही,

11हे मोर बेटा, यहोवा के ताड़ना ला तुछ झन जान,

12काबरकि यहोवा ह ओमन के ताड़ना करथे, जेमन ले ओह मया करथे,

13धइन अंय ओ मनखेमन, जऊन मन बुद्धि पाथें,

14काबरकि बुद्धि पाना चांदी के पाय ले जादा बने अय

15बुद्धि ह मनि ले जादा कीमती अय;

16लम्बा उमर ओकर जेवनी हांथ म हवय;

17ओकर रसतामन खुसी के रसता अंय,

18जऊन मन बुद्धि ला धरे रहिथें, ओमन बर ओह जिनगी के एक रूख अय;

19बुद्धि के दुवारा यहोवा ह धरती ला बनाईस,

20ओकर गियान के दुवारा गहिरा समुंदरमन बंट गीन,

21हे मोर बेटा, बुद्धि अऊ समझ तोर नजर ले झन हटंय,

22येमन तोर बर जिनगी होहीं,

23तब तेंह अपन डहार म निडर होके चलबे,

24जब तेंह लेटबे, त तोला डर नइं होही;

25अचानक अवइया बिपत्ति ले झन डरबे

26काबरकि यहोवा ह तोर सहारा होही

27जेमन के भलई करना हे, अऊ यदि तोला ओकर मऊका मिलथे,

28यदि तोर करा देय बर हवय,

29जब तोर परोसी ह तोर लकठा म भरोसा सहित रहिथे,

30जब कोनो मनखे ह तोर कुछू नुकसान नइं करे हवय,

31उपदरवी मनखे ले जलन झन रखबे

32काबरकि कुटिल मनखे ले यहोवा ह बहुंत घिन करथे,

33दुस्ट मनखे के घर म यहोवा के सराप,

34घमंडी हंसी उड़इयामन के ओह हंसी उड़ाथे,