प्रेरितमन के काम 2:1-46 CGOCV2024 - Bible AI

1जब पिनतेकुस्त तिहार+ 2:1 फसल के तिहार, निर 34:22; लैव्य 23:15‑16* के दिन आईस, त जम्मो चेलामन एक ठऊर म जूरे रिहिन।

2अचानक अकास ले एक बड़े गरेर सहीं सनसनाहट के अवाज होईस, अऊ ओ अवाज ले जम्मो घर ह, जिहां ओमन बईठे रिहिन, गूंज गीस।

3ओमन ला आगी के जीभमन सहीं दिखिस अऊ ओह अलग होके ओमन के हर एक झन के ऊपर आके ठहर गीस।

4अऊ ओमन जम्मो झन पबितर आतमा ले भर गीन अऊ जइसने पबितर आतमा ह ओमन ला बोले के सामर्थ दीस, ओमन आने-आने भासा म गोठियाय लगिन।

5ओ घरी धरती के हर एक देस ले आय परमेसर के भक्त यहूदीमन यरूसलेम सहर म ठहिरे रिहिन।

6जब ओमन ये अवाज सुनिन, त उहां एक भीड़ जूर गीस अऊ मनखेमन घबरा गीन, काबरकि हर एक झन ला ये सुनई देवत रिहिस कि येमन मोरेच भासा म गोठियावत हवंय।

7ओ जम्मो झन अचम्भो म पड़के पुछे लगिन, “देखव, ये जम्मो मनखे जऊन मन गोठियावत हवंय, का येमन गलील प्रदेस के नो हंय?

8त फेर कइसने हमन जम्मो मनखेमन अपन-अपन जनम भुइयां के भासा सुनत हवन?

9हमन के बीच म पारथी, मेदी, एलामी मनखे हवंय; अऊ हमन म ले कोनो-कोनो मेसोपोटामिया, यहूदिया अऊ कप्पदुकिया, पुनतुस, एसिया,

10फ्रूगिया, पंफूलिया, मिसर अऊ लिबिया देस जऊन ह कुरेन के लकठा म हवय, के रहइया अंय। रोम ले आय मनखेमन

11(यहूदी अऊ यहूदी मत म चलइया, दूनों), क्रेती अऊ अरबी घलो हवंय। पर हमन जम्मो झन अपन-अपन भासा म येमन ले परमेसर के बड़े-बड़े काम के चरचा सुनत हवन।”

12ओ जम्मो झन अचम्भो म पड़के अऊ घबराके एक-दूसर ला पुछे लगिन, “एकर का मतलब ए?”

13पर कुछू मनखेमन, चेलामन के ठट्ठा करिन अऊ ये कहिन, “येमन तो अंगूर के मंद के नसा म हवंय।”

14तब पतरस ह गियारह प्रेरितमन के संग ठाढ़ होईस अऊ ऊंचहा अवाज म भीड़ ला ये कहिस, “हे संगी यहूदी अऊ यरूसलेम के जम्मो रहइयामन, मोर गोठ ला कान लगाके सुनव अऊ समझव।

15हमन नसा म नइं अन, जइसने कि तुमन समझत हवव, काबरकि अभी तो बिहान के नौ बजे हवय।

16पर येह ओ बात ए, जऊन ला योएल अगमजानी के दुवारा कहे गे रिहिस:

17“ ‘परमेसर ह कहिथे,

18मेंह अपन दास अऊ अपन दासीमन ऊपर घलो ओ दिन म अपन आतमा उंडेलहूं

19मेंह ऊपर अकास म अद्भूत काम

20परभू के महान अऊ महिमामय दिन के आय के पहिली सूरज ह अंधियार

21अऊ हर एक, जऊन ह परभू के नांव लीही, ओह उद्धार पाही।’+ 2:21 योए 2:28‑32*

22“हे इसरायलीमन हो, ए बात ला सुनव: यीसू ह नासरत के रहइया एक मनखे रिहिस। ओह परमेसर कोति ले आय रिहिस। ये बात के सबूत ओकर सामर्थ के काम, चमतकार के काम अऊ चिनहां ले परगट होथे, जऊन ला परमेसर ह तुमन के बीच म ओकर दुवारा करिस, जइसने कि तुमन खुदे जानत हवव।

23जब ओह परमेसर के ठहिराय योजना अऊ पूर्व गियान के मुताबिक तुम्हर हांथ म पकड़वाय गीस, त तुमन अधरमीमन के मदद ले ओला कुरूस म चघाके मार डारेव।

24पर ओला परमेसर ह मिरतू के बंधना ले छोंड़ाके जियाईस, काबरकि येह असंभव रिहिस कि ओह मिरतू के बस म रहय।

25दाऊद ह ओकर बारे म कहिस,

26एकरसेति मोर मन ह खुस हवय, अऊ मोर मुहूं ह आनंद मनाथे;

27काबरकि तेंह मोला मरे मनखेमन के लोक म नइं छोंड़बे,

28तेंह मोला जिनगी के रसता बताय हवस;

29“हे भाईमन हो, मेंह ओ कुल के मुखिया दाऊद के बारे म तुमन ला बिसवास के संग ये कह सकत हंव कि ओह तो मर गीस, अऊ दफनाय घलो गीस अऊ ओकर कबर ह आज तक इहां हवय।

30पर ओह अगमजानी रिहिस अऊ ओह ये जानत रिहिस कि परमेसर ह ओकर ले ये कसम खाय रिहिस, ‘मेंह तोर बंस म ले एक झन ला तोर सिंघासन म बईठाहूं।’

31ओह, का होवइया हवय येला जानके, मसीह के जी उठे के बारे म अगमबानी करिस, ‘ओकर जीव ला मरे मनखेमन के लोक म नइं छोंड़े गीस अऊ न ओकर देहें ह सड़े पाईस।’

32एही यीसू ला परमेसर ह जियाईस, जेकर हमन जम्मो झन गवाह हवन।

33इहीच ढंग ले ओह परमेसर के जेवनी हांथ कोति जम्मो ले बड़े पद पाईस। ददा ले ओह पबितर आतमा पाके, जेकर परतिगियां करे गे रिहिस, ओह हमर ऊपर येला उंड़ेर दीस, जऊन ला तुमन देखत अऊ सुनत हवव।

34काबरकि दाऊद ह तो स्वरग म नइं चघिस, पर ओह ये कहिस,

35जब तक कि मेंह तोर बईरीमन ला

36“एकरसेति जम्मो इसरायली मनखेमन ये जरूर जान लेवंय कि ओही यीसू, जऊन ला तुमन कुरूस ऊपर चघाय रहेव, परमेसर ह ओला परभू अऊ मसीह दूनों ठहिराईस।”

37तब सुनइयामन के हिरदय ह कलपे लगिस, अऊ ओमन पतरस अऊ बाकि प्रेरितमन ले पुछे लगिन, “हे भाईमन हो, हमन का करन?”

38पतरस ह ओमन ला कहिस, “अपन पाप के पछताप करव, अऊ तुमन म ले, हर एक झन अपन-अपन पाप के छेमा खातिर यीसू मसीह के नांव म बतिसमा लेवव, अऊ तुमन पबितर आतमा के दान पाहू।

39काबरकि ये परतिगियां ह तुम्हर अऊ तुम्हर संतान बर अऊ ओ जम्मो दूरिहा-दूरिहा के मनखेमन के खातिर घलो अय, जऊन मन ला परभू हमर परमेसर ह अपन लकठा म बलाही।”

40पतरस ह अऊ बहुंते बात के दुवारा समझाईस अऊ ओमन ले बिनती करिस, “अपनआप ला ये खराप पीढ़ी के मनखेमन ले बचावव।”

41तब जऊन मन पतरस के बात ला मानिन, ओमन बतिसमा लीन, अऊ ओहीच दिन करीब तीन हजार मनखेमन ओमन के संग मिल गीन।

42ओमन प्रेरितमन ले सिकछा पाय लगिन, अऊ अपनआप ला संगति रखे म, परभू भोज के रोटी टोरे म अऊ पराथना करे म मगन रखिन।

43जम्मो मनखेमन म डर हमा गे अऊ बहुंते चमतकार के काम अऊ अद्भूत काम प्रेरितमन के दुवारा होवत रिहिस।

44ओ जम्मो बिसवास करइयामन लगातार एक संग संगति करत रिहिन अऊ ओमन के जम्मो चीज म जम्मो झन के हक रिहिस।

45ओमन अपन-अपन संपत्ति अऊ सामान ला बेच-बेचके, जेकर जइसने जरूरत रहय वइसने ओला बांट देवंय।

46ओमन हर एक दिन एक मन होके मंदिर के अंगना म जूरंय, अऊ ओमन घर-घर म रोटी टोरत, खुसी अऊ निस्कपट मन ले एक संग खावत रिहिन।

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