1हे अकास, तेंह सुन अऊ मेंह गोठियाहूं;
2मोर सिकछा ह बारिस के सहीं गिरय
3मेंह यहोवा के नांव के घोसना करहूं।
4ओह चट्टान अय, ओकर काममन एकदम सही अंय,
5इसरायलीमन बिगड़ गे हवंय अऊ ओमन ओकर लइका नो हंय;
6हे मुरूख अऊ निरबुद्धि मनखेमन,
7पुराना जमाना ला सुरता करव;
8जब सर्वोच्च परमेसर ह जाति-जाति के मनखेमन ला ओमन के उत्तराधिकार दीस,
9काबरकि यहोवा के बांटा ओकर मनखेमन अंय,
10एक मरू-भुइयां, एक बंजर
11जइसे एक गिधवा ह अपन खोंधरा ला हलाथे
12यहोवा ह एके झन ओकर अगुवई करिस;
13ओह ओला धरती के ऊंच-ऊंच जगह म ले गीस
14ओह ओला पसुमन के झुंड के दूध-दही
15पर यसूरून+ 32:15 यसूरून के मतलब होथे ईमानदार मनखे याने कि इसरायल; देखव यसा 44:2* ह मोटा होके लात मारिस;
16ओमन पराय देवतामन ला मानके ओला जलन रखनेवाला बना दीन
17ओमन झूठ-मूठ के देवतामन ला बलिदान चघाईन, जेमन परमेसर नो हंय;
18तुमन ओ चट्टान ला छोंड़ देव, जऊन ह तुमन ला पालिस-पोसिस;
19यहोवा ह येला देखिस अऊ ओमन ला अस्वीकार कर दीस
20तब यहोवा ह कहिस, “मेंह ओमन ले अपन मुहूं छुपा लूहूं,
21ओमन मोर म ओकर दुवारा जलन पईदा करिन, जऊन ह ईस्वर नो हय
22काबरकि मोर कोप के आगी ह बरही,
23“मेंह ओमन ऊपर बहुंत बिपत्ति लानहूं
24मेंह ओमन ऊपर नास करइया अकाल,
25घर के बाहिर गली म ओमन तलवार ले मारे जाहीं;
26मेंह कहेंव कि मेंह ओमन ला तितिर-बितिर कर दूहूं
27पर मोला बईरीमन के ताना मारे के भय रिहिस,
28ओमन एक अइसन जाति के मनखे अंय, जेमन करा गियान नइं ए,
29कास ओमन म बुद्धि होतिस अऊ ओमन ये बात ला समझतिन
30एक मनखे ह हजार मनखे ला कइसे भगा सकही,
31काबरकि ओमन के चट्टान ह हमर चट्टान सहीं नो हय,
32ओमन के अंगूर के नार ह सदोम के अंगूर के नार
33ओमन के अंगूर के मंद ह सांप के जहर,
34“का मेंह येला जमा करके
35बदला लेवई मोर काम ए; मेंह बदला लूहूं।
36जब यहोवा ह देखही कि ओकर मनखेमन के सक्ति खतम हो गे हवय
37अऊ यहोवा ह कहिही, “ओमन के देवतामन कहां हवंय,
38ओ देवता, जेमन ओमन के चघाय बलिदान के चरबी ला खाईन
39“तुमन अब देख लव कि मेंह खुद ओ अंव!
40मेंह स्वरग कोति हांथ उठाके कसम खावत हंव:
41जब मेंह अपन चमकत तलवार म धार लगाहूं
42मोर तीरमन खून ले भर जाहीं,
43हे जाति-जाति के मनखेमन ओकर मनखेमन के संग आनंद मनावव,
44मूसा ह नून के बेटा यहोसू+ 32:44 इबरानी म होसे, एक आने नांव यहोसू के* के संग आईस अऊ ये गीत के जम्मो बचन ला मनखेमन ला सुनाईस।
45जब मूसा ह जम्मो इसरायलीमन ला ये जम्मो बचन पढ़के सुना दीस,
46त ओह ओमन ला कहिस, “जऊन बचन मेंह आज तुमन ला गंभीरता से सुनाय हंव, ओ जम्मो ला अपन मन म रख लव, ताकि तुमन अपन लइकामन ला हुकूम दे सकव कि ओमन धियान देके ये कानून के जम्मो बचन के पालन करंय।
47येमन तुम्हर बर बेमतलब के बचन नो हंय—येमन तुम्हर जिनगी अंय। येमन के दुवारा ओ देस म लम्बा समय तक जीयत रहिहू, जेकर ऊपर अधिकार करे बर तुमन यरदन नदी के ओ पार जावत हव।”
48ओहीच दिन यहोवा ह मूसा ला कहिस,
49“तेंह नबो पहाड़ के अबारीम छेत्र के ऊपर जा, जऊन ह मोआब देस म यरीहो सहर के ओ पार हवय, अऊ कनान देस ला देख, जेला मेंह इसरायलीमन ला ओमन के अधिकार म देवत हंव।
50ओ पहाड़ जिहां तेंह चढ़बे, उहां तेंह मर जाबे अऊ अपन मरे मनखेमन संग मिल जाबे, जइसे कि तोर भाई हारून ह होर पहाड़ ऊपर मरिस अऊ अपन मरे पुरखामन संग मिल गीस।
51येकर कारन ये अय कि सीन के निरजन जगह म, मरीबा-कादेस के पानी के सोता करा, तुमन दूनों मोर बिसवास ला टोर देव अऊ इसरायलीमन के बीच म मोर पबितरता ला बनाय नइं रखेव।