भजन-संहिता 10:1-17 CGOCV2024 - Bible AI

1हे यहोवा, तेंह दूरिहा म काबर ठाढ़े रहिथस?

2दुस्ट मनखे ह अपन घमंड म दुरबल मनखे के सिकार कर लेथे;

3दुस्ट ह अपन मन के लालसा ऊपर घमंड करथे;

4अपन घमंड के कारन दुस्ट मनखे ह परमेसर के खोज नइं करय;

5ओकर रसता ह हमेसा उन्नति के रहिथे;

6ओह अपनआप ले कहिथे, “मोला कभू कोनो हला नइं सकंय।”

7ओकर मुहूं ह लबारी अऊ धमकी के बात ले भरे हवय,

8ओह गांवमन के लकठा म घात लगाय बईठे रहिथे;

9छुपके बईठे सिंह के सहीं ओह घात म रहिथे।

10ओकर सिकारमन कुचरे जाथें, ओमन गिर जाथें;

11ओह अपनआप ले कहिथे, “परमेसर ह कभू धियान नइं दीही;

12हे यहोवा, उठ! हे परमेसर अपन हांथ ला उठा।

13दुस्ट मनखे ह काबर परमेसर ला तुछ समझथे?

14पर हे परमेसर, तेंह दुखी मनखे के समस्या ला देखथस;

15दुस्ट मनखे के बाहां ला टोर दे;

16यहोवा ह सदाकाल बर राजा अय;

17हे यहोवा, तेंह दुखी मनखे के मन के बात+ 10:17 या पराथना* ला सुनथस;

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