भजन-संहिता 101:1-7 CGOCV2024 - Bible AI

1मेंह तोर मया अऊ नियाय के गीत गाहूं;

2मेंह निरदोस जिनगी जीये बर धियान दूहूं—

3मेंह कोनो दुस्ट काम बर

4जिद्दी सुभाव ले मेंह दूर रहिहूं;

5जऊन कोनो अपन परोसी के पाछू ओकर निन्दा करथे,

6मोर आंखी ह देस म बिसवासयोग्य मनखेमन ऊपर लगे रहिही,

7धोखाधड़ी करइया कोनो भी मनखे

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