भजन-संहिता 103:1-21 CGOCV2024 - Bible AI

1हे मोर मन, यहोवा के परसंसा कर;

2हे मोर मन, यहोवा के परसंसा कर,

3ओह तोर जम्मो पाप ला छेमा करथे

4ओह तोर जिनगी ला नास होय ले बचाथे

5ओह बने-बने चीज के दुवारा तोर ईछा ला पूरा करथे

6यहोवा ह जम्मो दुखी मनखेमन बर

7ओह मूसा ला अपन रसता

8यहोवा ह दयालु अऊ अनुग्रहकारी,

9ओह हमेसा दोस नइं लगाही,

10ओह हमर पाप के मुताबिक हमर ले बरताव नइं करिस

11काबरकि अकास ह धरती ले जतेक ऊपर हे,

12पूरब ले पछिम ह जतेक दूरिहा हवय,

13जइसे एक ददा ह अपन लइकामन ऊपर दया करथे,

14काबरकि ओह जानथे कि हमन कइसे बनाय जाथन,

15मनखे के जिनगी ह कांदी सहीं होथे,

16अऊ जब ओकर ऊपर हवा चलथे, त ओह नइं ठहिरय,

17पर अनंतकाल ले अनंतकाल तक

18याने कि ओमन ऊपर जऊन मन ओकर करार के पालन करथें

19यहोवा ह अपन सिंघासन ला स्वरग म स्थापित करे हवय,

20हे ओकर स्वरगदूतमन, यहोवा के परसंसा करव,

21हे ओकर जम्मो स्वरग के जीवमन, हे ओकर सेवकमन,

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