1हे मोर मन, यहोवा के परसंसा कर;
2हे मोर मन, यहोवा के परसंसा कर,
3ओह तोर जम्मो पाप ला छेमा करथे
4ओह तोर जिनगी ला नास होय ले बचाथे
5ओह बने-बने चीज के दुवारा तोर ईछा ला पूरा करथे
6यहोवा ह जम्मो दुखी मनखेमन बर
7ओह मूसा ला अपन रसता
8यहोवा ह दयालु अऊ अनुग्रहकारी,
9ओह हमेसा दोस नइं लगाही,
10ओह हमर पाप के मुताबिक हमर ले बरताव नइं करिस
11काबरकि अकास ह धरती ले जतेक ऊपर हे,
12पूरब ले पछिम ह जतेक दूरिहा हवय,
13जइसे एक ददा ह अपन लइकामन ऊपर दया करथे,
14काबरकि ओह जानथे कि हमन कइसे बनाय जाथन,
15मनखे के जिनगी ह कांदी सहीं होथे,
16अऊ जब ओकर ऊपर हवा चलथे, त ओह नइं ठहिरय,
17पर अनंतकाल ले अनंतकाल तक
18याने कि ओमन ऊपर जऊन मन ओकर करार के पालन करथें
19यहोवा ह अपन सिंघासन ला स्वरग म स्थापित करे हवय,
20हे ओकर स्वरगदूतमन, यहोवा के परसंसा करव,
21हे ओकर जम्मो स्वरग के जीवमन, हे ओकर सेवकमन,