भजन-संहिता 108:1-12 CGOCV2024 - Bible AI

1हे परमेसर, मोर मन ह अटल हवय;

2हे बीना अऊ सारंगी, जागव!

3हे यहोवा, मेंह जाति-जाति के मनखेमन के बीच म तोर परसंसा करहूं;

4काबरकि तोर मया ह अतेक महान ए कि ओह स्वरग ले घलो ऊंच हवय;

5हे परमेसर, तोर महिमा ह स्वरगमन ले घलो ऊपर होवय;

6अपन जेवनी हांथ उठाके हमन ला बचा अऊ हमर मदद कर,

7परमेसर ह अपन पबितर-स्थान ले कहे हवय:

8गिलाद ह मोर ए, मनस्से ह घलो मोर ए;

9मोआब ह मोर हांथ-मुहूं धोए के बरतन ए,

10कोन ह मोला गढ़वाले सहर म लानही?

11हे परमेसर, का ये तें नो हस, तें जऊन ह हमन ला अस्वीकार करे हस

12बईरीमन के बिरूध हमर मदद कर,

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