भजन-संहिता 109:1-30 CGOCV2024 - Bible AI

1हे मोर परमेसर, तें जेकर मेंह परसंसा करथंव,

2काबरकि दुस्ट अऊ धोखा देवइया मनखेमन

3घिनौना बचन ले ओमन मोला घेरत हवंय;

4ओमन के संग मेंह संगी के बरताव करंय, पर बदला म ओमन मोर ऊपर दोस लगावत हें,

5ओमन मोर भलई के बदले मोर संग बुरई करथें,

6मोर बईरी के बिरोध करे बर कोनो दुस्ट मनखे ला ठहिरा दे;

7जब ओकर नियाय करे जावय, त ओह अपराधी ठहिरय,

8ओकर उमर ह थोरकन दिन के होवय;

9ओकर लइकामन अनाथ हो जावंय

10ओकर लइकामन एती-ओती घुमत भिखारी हो जावंय;

11साहूकार ह ओकर जम्मो चीज ला जपत कर ले;

12ओकर ऊपर कोनो दया झन देखावय

13ओकर संतानमन खतम हो जावंय,

14यहोवा के आघू म ओकर पुरखामन के दुस्टता ला लाने जावय;

15ओमन के पापमन यहोवा के आघू म हमेसा बने रहंय,

16काबरकि ओ दुस्ट ह कभू दया करे के बात नइं सोचिस,

17सराप देवई ओला बहुंत बने लगिस—

18सराप देवई ओकर बर कपड़ा पहिरे सहीं हो गीस;

19येह ओकर देहें म ओढ़ना ओढ़े सहीं,

20मोर ऊपर दोस लगइयामन ला, मोर बुरई करइयामन ला

21पर हे परमपरधान यहोवा,

22काबरकि मेंह गरीब अऊ जरूरतमंद अंव,

23मेंह सांझ के छइहां सहीं खतम होवत हंव;

24उपास करत मोर माड़ीमन दुरबल होवत हें;

25मेंह अपन दोस लगइयामन बर हंसी के पात्र हो गे हवंव;

26हे यहोवा मोर परमेसर, मोर मदद कर;

27ओमन जानंय कि एकर पाछू तोर हांथ हवय,

28जब ओमन सराप देवंय, त तें आसीस दे;

29मोर ऊपर दोस लगइयामन ला कलंक के कपड़ा पहिराय जावय

30अपन मुहूं ले मेंह यहोवा के बहुंत धनबाद करहूं;

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