1हे मोर परमेसर, तें जेकर मेंह परसंसा करथंव,
2काबरकि दुस्ट अऊ धोखा देवइया मनखेमन
3घिनौना बचन ले ओमन मोला घेरत हवंय;
4ओमन के संग मेंह संगी के बरताव करंय, पर बदला म ओमन मोर ऊपर दोस लगावत हें,
5ओमन मोर भलई के बदले मोर संग बुरई करथें,
6मोर बईरी के बिरोध करे बर कोनो दुस्ट मनखे ला ठहिरा दे;
7जब ओकर नियाय करे जावय, त ओह अपराधी ठहिरय,
8ओकर उमर ह थोरकन दिन के होवय;
9ओकर लइकामन अनाथ हो जावंय
10ओकर लइकामन एती-ओती घुमत भिखारी हो जावंय;
11साहूकार ह ओकर जम्मो चीज ला जपत कर ले;
12ओकर ऊपर कोनो दया झन देखावय
13ओकर संतानमन खतम हो जावंय,
14यहोवा के आघू म ओकर पुरखामन के दुस्टता ला लाने जावय;
15ओमन के पापमन यहोवा के आघू म हमेसा बने रहंय,
16काबरकि ओ दुस्ट ह कभू दया करे के बात नइं सोचिस,
17सराप देवई ओला बहुंत बने लगिस—
18सराप देवई ओकर बर कपड़ा पहिरे सहीं हो गीस;
19येह ओकर देहें म ओढ़ना ओढ़े सहीं,
20मोर ऊपर दोस लगइयामन ला, मोर बुरई करइयामन ला
21पर हे परमपरधान यहोवा,
22काबरकि मेंह गरीब अऊ जरूरतमंद अंव,
23मेंह सांझ के छइहां सहीं खतम होवत हंव;
24उपास करत मोर माड़ीमन दुरबल होवत हें;
25मेंह अपन दोस लगइयामन बर हंसी के पात्र हो गे हवंव;
26हे यहोवा मोर परमेसर, मोर मदद कर;
27ओमन जानंय कि एकर पाछू तोर हांथ हवय,
28जब ओमन सराप देवंय, त तें आसीस दे;
29मोर ऊपर दोस लगइयामन ला कलंक के कपड़ा पहिराय जावय
30अपन मुहूं ले मेंह यहोवा के बहुंत धनबाद करहूं;