भजन-संहिता 116:1-18 CGOCV2024 - Bible AI

1मेंह यहोवा ले मया करथंव, काबरकि ओह मोर बात ला सुनिस;

2काबरकि ओह मोर कोति अपन कान लगाईस,

3मिरतू के डोर म मेंह फंस गेंव,

4तब मेंह यहोवा के नांव ले पराथना करेंव:

5यहोवा ह अनुग्रहकारी अऊ धरमी अय;

6यहोवा ह सीधा-साधा मनखे के रकछा करथे;

7हे मोर परान, अपन बिसराम-स्थान म लहुंट आ,

8हे यहोवा, तेंह मोला मिरतू ले,

9ताकि मेंह यहोवा के आघू म

10मेंह यहोवा ऊपर भरोसा रखेंव, जब मेंह ये कहेंव,

11मेंह अपन बेचैनी म कहेंव,

12यहोवा ह जतेक भलई मोर बर करे हवय,

13मेंह उद्धार के कटोरा ला ऊपर उठाहूं

14यहोवा के जम्मो मनखेमन के आघू म

15यहोवा के बिसवासयोग्य सेवकमन के मिरतू ह

16हे यहोवा, सही म मेंह तोर सेवक अंव;

17मेंह तोला धनबाद-बलिदान चघाहूं

18यहोवा के जम्मो मनखेमन के आघू म

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