1मेंह यहोवा ले मया करथंव, काबरकि ओह मोर बात ला सुनिस;
2काबरकि ओह मोर कोति अपन कान लगाईस,
3मिरतू के डोर म मेंह फंस गेंव,
4तब मेंह यहोवा के नांव ले पराथना करेंव:
5यहोवा ह अनुग्रहकारी अऊ धरमी अय;
6यहोवा ह सीधा-साधा मनखे के रकछा करथे;
7हे मोर परान, अपन बिसराम-स्थान म लहुंट आ,
8हे यहोवा, तेंह मोला मिरतू ले,
9ताकि मेंह यहोवा के आघू म
10मेंह यहोवा ऊपर भरोसा रखेंव, जब मेंह ये कहेंव,
11मेंह अपन बेचैनी म कहेंव,
12यहोवा ह जतेक भलई मोर बर करे हवय,
13मेंह उद्धार के कटोरा ला ऊपर उठाहूं
14यहोवा के जम्मो मनखेमन के आघू म
15यहोवा के बिसवासयोग्य सेवकमन के मिरतू ह
16हे यहोवा, सही म मेंह तोर सेवक अंव;
17मेंह तोला धनबाद-बलिदान चघाहूं
18यहोवा के जम्मो मनखेमन के आघू म