1हे यहोवा, तेंह मोला जांचे हस,
2मेंह कब उठथंव अऊ कब बईठथंव, तेंह जानथस,
3तेंह मोर जवई अऊ मोर लेटई ला जानथस;
4हे यहोवा, येकर पहिले कि कोनो बात मोर मुहूं म आवय
5तेंह मोला आघू-पाछू ले घेरे रहिथस,
6अइसने गियान ह मोर बर बहुंत अद्भूत ए,
7तोर आतमा ले बचके मेंह कहां जा सकथंव?
8कहूं मेंह अकास ऊपर जावंव, त तेंह उहां हस;
9कहूं मेंह उठके बड़े बिहनियां के डेना म बईठके दूरिहा चले जावंव,
10त उहां घलो तोर हांथ ह मोर अगुवई करही,
11कहूं मेंह कहंव, “खचित अंधियार ह मोला छुपा लीही
12तभो ले अंधियार ह तोर बर अंधियार नइं होही;
13काबरकि तेंह मोर भीतरी भाग ला बनाय हस;
14मेंह तोर परसंसा करथंव काबरकि मेंह भयानक अऊ अद्भूत रीति से बनाय गे हवंव;
15जब मोला गुपत जगह म बनाय गीस,
16तोर आंखी ह मोर बिगर आकार के देहें ला देखिस;
17हे परमेसर, तोर बिचारमन मोर बर कतेक कीमती अंय!
18कहूं मेंह ओमन के गनती करंव,
19हे परमेसर, बने होतिस कि तेंह दुस्टमन ला मार डारते!
20ओमन तोर बारे म बुरई के इरादा से बात करथें;
21हे यहोवा, का मेंह ओमन ले घिन नइं करंव, जऊन मन तोर ले घिन करथें,
22मोर करा ओमन बर घिन करे के अलावा अऊ कुछू नइं ए;
23हे परमेसर, मोला जांचके मोर हिरदय ला जान ले;