1मुरूख ह अपन मन म कहिथे,
2यहोवा ह स्वरग ले
3जम्मो झन भटक गे हवंय, जम्मो झन बिगड़ गे हवंय;
4का ये जम्मो दुस्ट काम करइयामन कुछू नइं जानंय?
5पर उहां, ओमन डर के मारे घबरा गे हवंय,
6दुस्ट काम करइयामन, तुमन गरीबमन के योजना ला बेकार कर देथव,
1मुरूख ह अपन मन म कहिथे,
2यहोवा ह स्वरग ले
3जम्मो झन भटक गे हवंय, जम्मो झन बिगड़ गे हवंय;
4का ये जम्मो दुस्ट काम करइयामन कुछू नइं जानंय?
5पर उहां, ओमन डर के मारे घबरा गे हवंय,
6दुस्ट काम करइयामन, तुमन गरीबमन के योजना ला बेकार कर देथव,