भजन-संहिता 145:1-20 CGOCV2024 - Bible AI

1हे मोर परमेसर, मोर राजा, मेंह तोर नांव ला ऊपर करहूं;

2हर दिन मेंह तोर परसंसा करहूं

3यहोवा ह महान ए अऊ सबले जादा परसंसा के योग्य ए;

4एक पीढ़ी के मनखेमन तोर काम के बारे म आने पीढ़ी के मनखेमन ला बताथें;

5ओमन तोर वैभव के महिमामय सोभा के बारे म गोठियाथें—

6ओमन तोर अद्भूत काममन के सक्ति के चरचा करथें—

7ओमन तोर बहुंत भलई के काम के उत्सव मनाथें

8यहोवा ह अनुग्रहकारी अऊ दयालु अय,

9यहोवा ह जम्मो झन बर बने अय;

10हे यहोवा, तोर जम्मो काममन के दुवारा तोर परसंसा होथे;

11ओमन तोर राज के महिमा के बारे म बताथें

12ताकि जम्मो मनखेमन तोर पराकरम के काम

13तोर राज ह एक कभू खतम नइं होनेवाला राज ए,

14यहोवा ह ओ जम्मो ला संभालथे, जेमन खाल्हे गिरथें

15जम्मो झन के आंखी ह तोर ऊपर लगे रहिथे,

16तेंह अपन हांथ खोलके

17यहोवा ह अपन जम्मो बात म धरमी

18यहोवा ह ओ जम्मो के लकठा म रहिथे,

19ओह ओमन के ईछा ला पूरा करथे, जऊन मन ओकर भय मानथें;

20यहोवा ह ओ जम्मो के रखवारी करथे, जऊन मन ओकर ले मया करथें,

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