1यहोवा के परसंसा करव।
2मेंह जिनगी भर यहोवा के परसंसा करहूं,
3हाकिममन ऊपर भरोसा झन रखव,
4जब ओमन के परान चले जाथे, त ओमन माटी म मिल जाथें;
5धइन अंय ओमन, जेमन के मददगार याकूब के परमेसर ए,
6ओह अकास अऊ धरती, समुंदर,
7ओह दुखित-पीड़ितमन के नियाय करथे
8यहोवा ह अंधरा ला आंखी देथे,
9यहोवा ह परदेसीमन के रखवारी करथे