1स्वरग ह परमेसर के महिमा के बखान करत हे;
2हर दिन ओमन बखान करथें;
3ओमन के कोनो बोली नइं ए, ओमन कोनो सबद के उपयोग नइं करंय;
4तभो ले ओमन के अवाज जम्मो धरती म जाथे,
5येह एक दूल्हा के अपन कमरा ले बाहिर निकलके आय सहीं ए,
6येह अकास के एक छोर ले निकलथे
7यहोवा के कानून ह बिलकुल सही ए,
8यहोवा के उपदेसमन सही अंय,
9यहोवा के भय ह सुध ए,
10ओमन सोन ले घलो,
11ओमन के दुवारा तोर सेवक ला चेतउनी मिलथे;
12पर अपन खुद के गलती ला कोन समझ सकथे?
13अपन सेवक ला जानबूझके करइया पाप ले दूरिहा रख;