भजन-संहिता 22:1-30 CGOCV2024 - Bible AI

1हे मोर परमेसर, हे मोर परमेसर, तेंह मोला काबर तियाग दे हस?

2हे मोर परमेसर, मेंह दिन म गोहारथंव, पर तेंह जबाब नइं देवस,

3पर तेंह पबितर परमेसर के रूप म बिराजमान हस;

4तोर ऊपर ही हमर पुरखामन भरोसा करिन;

5तोर ले ओमन गोहारिन अऊ ओमन बचाय गीन;

6पर में तो एक कीरा अंव, मनखे नइं,

7ओ जम्मो झन, जेमन मोला देखथें, ओमन मोर हंसी उड़ाथें;

8ओमन कहिथें, “ओह यहोवा ऊपर भरोसा करथे,

9तभो ले तेंह मोला गरभ ले बाहिर लानय,

10जनम ले ही मोला तोर देखरेख म छोंड़ दिये गीस;

11मोर ले दूरिहा झन रह,

12बहुंत अकन सांड़मन मोला घेरत हवंय;

13गरजत सिंह, जेमन अपन सिकार ला फाड़ डालथें,

14मेंह पानी कस ढारे जावत हंव,

15मोर मुहूं ह माटी के टूटे बरतन सहीं सूखा गे हवय,

16कुकुरमन मोला घेरत हें,

17मोर जम्मो हाड़ामन दिखत हवंय;

18ओमन मोर ओनहा ला आपस म बांट लेथंय

19पर हे यहोवा, तेंह मोर ले दूरिहा झन रह।

20मोर जिनगी ला तलवार ले बचा,

21सिंहमन के मुहूं ले मोला बचा;

22मेंह अपन भाईमन के आघू म तोर नांव के परचार करहूं;

23हे यहोवा के भय मनइयामन, ओकर परसंसा करव!

24काबरकि ओह दुख म परे मनखे ला तुछ नइं समझे हे

25बड़े सभा म तोर परसंसा के बिसय तोरेच करा ले आथे;

26गरीबमन खाहीं अऊ संतुस्ट हो जाहीं;

27धरती के जम्मो छोर तक मनखेमन यहोवा ला

28काबरकि राज ह यहोवा के ही अय

29धरती के जम्मो धनवानमन भोज खाहीं अऊ ओकर अराधना करहीं;

30अवइया पीढ़ी के मनखेमन ओकर सेवा करहीं;

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