भजन-संहिता 29:1-10 CGOCV2024 - Bible AI

1हे स्वरगीय जीवमन,+ 29:1 स्वरगीय जीवमन के मतलब स्वरगदूतमन हो सकथे* यहोवा के बखान करव,

2यहोवा के नांव के मुताबिक ओकर बखान करव;

3यहोवा के अवाज समुंदर के ऊपर म हवय;

4यहोवा के अवाज ह सक्तिसाली अय;

5यहोवा के अवाज ह देवदार के रूख ला टोर देथे;

6ओह लबानोन ला एक बछरू के सहीं

7यहोवा के अवाज ह

8यहोवा के अवाज ह बीरान भुइयां ला हला देथे;

9यहोवा के अवाज ह बांज के रूख ला मुरकेट देथे+ 29:9 या यहोवा ह हिरन ले पीला जनमवाथे*

10यहोवा ह बाढ़ के पानी ऊपर बिराजमान होथे;

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