1हे यहोवा, मेंह तोर सरन म हंव;
2मोर कोति अपन कान लगा,
3जब तेंह मोर चट्टान अऊ मोर गढ़ अस,
4मोर बर लगाय गे फांदा ले मोला बचा ले,
5तोर हांथ म मेंह अपन आतमा ला सऊंपत हवंव;
6मेंह ओमन ले घिन करथंव, जऊन मन बेकार के मूरतीमन म मन लगाय रहिथें;
7मेंह खुस होहूं अऊ तोर मया म आनंद मनाहूं,
8तेंह मोला बईरीमन के हांथ म नइं दे हस
9हे यहोवा, मोर ऊपर दया कर,
10मोर जिनगी ह दुख-पीरा
11मोर जम्मो बईरीमन के कारन,
12मरे मनखे के सहीं मोला भुला दिये गे हवय;
13मेंह सुनत हंव कि बहुंते जन ये कानाफूसी करत हंय,
14पर हे यहोवा, मेंह तोर ऊपर भरोसा करथंव;
15मोर जिनगी ह तोर हांथ म हवय;
16तोर सेवक के ऊपर तोर मुहूं के अंजोर चमकय;
17हे यहोवा, मोला लज्जित झन होवन दे,
18ओमन के लबारी बात कहइया मुहूं ह बंद हो जावय,
19कतेक जादा हवंय बने-बने चीजमन,
20अपन उपस्थिति के आसरय म तेंह ओमन ला
21यहोवा के परसंसा होवय,
22घबराहट म मेंह कहेंव,
23हे ओकर जम्मो बिसवासयोग्य मनखेमन, यहोवा ले मया करव!