भजन-संहिता 31:1-23 CGOCV2024 - Bible AI

1हे यहोवा, मेंह तोर सरन म हंव;

2मोर कोति अपन कान लगा,

3जब तेंह मोर चट्टान अऊ मोर गढ़ अस,

4मोर बर लगाय गे फांदा ले मोला बचा ले,

5तोर हांथ म मेंह अपन आतमा ला सऊंपत हवंव;

6मेंह ओमन ले घिन करथंव, जऊन मन बेकार के मूरतीमन म मन लगाय रहिथें;

7मेंह खुस होहूं अऊ तोर मया म आनंद मनाहूं,

8तेंह मोला बईरीमन के हांथ म नइं दे हस

9हे यहोवा, मोर ऊपर दया कर,

10मोर जिनगी ह दुख-पीरा

11मोर जम्मो बईरीमन के कारन,

12मरे मनखे के सहीं मोला भुला दिये गे हवय;

13मेंह सुनत हंव कि बहुंते जन ये कानाफूसी करत हंय,

14पर हे यहोवा, मेंह तोर ऊपर भरोसा करथंव;

15मोर जिनगी ह तोर हांथ म हवय;

16तोर सेवक के ऊपर तोर मुहूं के अंजोर चमकय;

17हे यहोवा, मोला लज्जित झन होवन दे,

18ओमन के लबारी बात कहइया मुहूं ह बंद हो जावय,

19कतेक जादा हवंय बने-बने चीजमन,

20अपन उपस्थिति के आसरय म तेंह ओमन ला

21यहोवा के परसंसा होवय,

22घबराहट म मेंह कहेंव,

23हे ओकर जम्मो बिसवासयोग्य मनखेमन, यहोवा ले मया करव!

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