भजन-संहिता 33:1-21 CGOCV2024 - Bible AI

1हे धरमी मनखेमन, आनंद ले भर के यहोवा के गीत गावव;

2बीना बजाके यहोवा के परसंसा करव;

3ओकर बर एक नवां गीत गावव;

4काबरकि यहोवा के बचन ह सही अऊ सच अय;

5यहोवा ह धरमीपन अऊ नियाय ले मया करथे;

6अकास-मंडल यहोवा के बचन के दुवारा

7ओह समुंदर के पानी ला एके ठऊर म रखथे;

8धरती के जम्मो मनखेमन यहोवा के भय मानंय;

9काबरकि ओकर कहे ले संसार ह बनिस;

10यहोवा ह आनजात के मनखेमन के योजना ला बिगाड़ देथे;

11पर यहोवा के योजना ह हमेसा मजबूत बने रहिथे,

12धइन अंय ओ जाति के मनखेमन, जेमन के परमेसर यहोवा अय,

13स्वरग ले यहोवा ह खाल्हे निहारथे

14अपन निवास स्थान ले ओह ओ जम्मो झन ला देखत रहिथे,

15ओ, जऊन ह जम्मो झन के हिरदय ला गढ़थे,

16कोनो भी राजा अपन बड़े सेना होय के कारन नइं बचय;

17बचके निकले बर घोड़ा ऊपर आसा करई ह बेकार ए;

18पर यहोवा के नजर ह ओमन ऊपर लगे रहिथे, जऊन मन ओकर भय मानथें,

19कि ओह ओमन ला मिरतू ले बचाही

20हमन यहोवा के आस म बाट जोहत रहिथन;

21ओहीच म ही हमर हिरदय ह आनंदित होथे,

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