1हे धरमी मनखेमन, आनंद ले भर के यहोवा के गीत गावव;
2बीना बजाके यहोवा के परसंसा करव;
3ओकर बर एक नवां गीत गावव;
4काबरकि यहोवा के बचन ह सही अऊ सच अय;
5यहोवा ह धरमीपन अऊ नियाय ले मया करथे;
6अकास-मंडल यहोवा के बचन के दुवारा
7ओह समुंदर के पानी ला एके ठऊर म रखथे;
8धरती के जम्मो मनखेमन यहोवा के भय मानंय;
9काबरकि ओकर कहे ले संसार ह बनिस;
10यहोवा ह आनजात के मनखेमन के योजना ला बिगाड़ देथे;
11पर यहोवा के योजना ह हमेसा मजबूत बने रहिथे,
12धइन अंय ओ जाति के मनखेमन, जेमन के परमेसर यहोवा अय,
13स्वरग ले यहोवा ह खाल्हे निहारथे
14अपन निवास स्थान ले ओह ओ जम्मो झन ला देखत रहिथे,
15ओ, जऊन ह जम्मो झन के हिरदय ला गढ़थे,
16कोनो भी राजा अपन बड़े सेना होय के कारन नइं बचय;
17बचके निकले बर घोड़ा ऊपर आसा करई ह बेकार ए;
18पर यहोवा के नजर ह ओमन ऊपर लगे रहिथे, जऊन मन ओकर भय मानथें,
19कि ओह ओमन ला मिरतू ले बचाही
20हमन यहोवा के आस म बाट जोहत रहिथन;
21ओहीच म ही हमर हिरदय ह आनंदित होथे,