भजन-संहिता 36:1-11 CGOCV2024 - Bible AI

1दुस्ट मनखेमन के दुस्टता के बारे

2ओमन खुद ही अपनआप के अतेक बड़ई करथें

3ओमन के मुहूं ले बुरई अऊ धोखा के बात निकलथे;

4अऊ त अऊ ओमन अपन दसना म घलो सडयंत्र रचथें;

5हे यहोवा, तोर मया ह स्वरग तक,

6तोर धरमीपन ह सबले ऊंच पहाड़ सहीं अय,

7हे परमेसर, तोर अब्बड़ मया ह अनमोल ए!

8ओमन तोर घर के भरे भंडार म ले जेवनार करथें;

9काबरकि तोरेच करा जिनगी के पानी के सोत हवय;

10जऊन मन तोला जानथें, ओमन ऊपर अपन मया,

11घमंडी ह मोर ऊपर लात झन उठाय,

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