भजन-संहिता 38:1-21 CGOCV2024 - Bible AI

1हे यहोवा, गुस्सा होके मोला झन फटकार

2तोर तीरमन मोला छेद डारे हवंय,

3तोर कोप के कारन मोर देहें ह स्वस्थ नइं ए;

4मोर अपराध ह मोला बियाकुल कर दे हवय,

5मोर पाप के मुरूखता के कारन

6मोला लज्जित करे जाथे अऊ मोला झुकाय गे हवय;

7मोर पीठ ह चूभत पीरा ले भरे हवय;

8मेंह कमजोर होके चूर-चूर हो गे हंव;

9हे परभू, मोर जम्मो ईछा ला तेंह जानत हस;

10मोर हिरदय ह कुटा-कुटा होवत हे, मोर म ताकत नइं ए;

11मोर घावमन के कारन मोर संगी-साथीमन मोर ले अलग होवथें;

12जऊन मन मोला मार डारे चाहथें, ओमन अपन जाल बिछात हवंय,

13मेंह तो भैंरा मनखे सहीं अंव, जऊन ह सुन नइं सकय,

14हव, मेंह ओ मनखे सहीं हो गे हंव, जऊन ह नइं सुनय,

15हे यहोवा, मेंह तोर इंतजार करत हंव;

16काबरकि मेंह कहेंव, “जब मोर गोड़ ह फिसलथे,

17काबरकि मेंह गिरनेचवाला हंव,

18मेंह अपन पाप ला मान लेवत हंव;

19बहुंते जन बिगर कारन के मोर बईरी हो गे हवंय;

20जऊन मन मोर भलई करे के कारन मोर बुरई करथें

21हे यहोवा, मोला झन तियाग;

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