1धइन अंय ओमन, जऊन मन कमजोर मनखे के सुधि लेथें;
2यहोवा ह ओमन ला बचाथे अऊ ओमन ला संभाले रखथे—
3जब ओमन बेमार होके बिस्तर म पड़े रहिथें, त यहोवा ह ओमन ला संभालथे
4मेंह कहेंव, “हे यहोवा, मोर ऊपर दया कर;
5मोर बईरीमन मोर बुरई करके कहिथें,
6जब ओमन ले कोनो मोला देखे बर आथे,
7मोर जम्मो बईरीमन एक संग मोर बिरूध म कानाफूसी करथें;
8“ओला एक खराप बेमारी हो गे हवय;
9अऊ त अऊ मोर खास संगी,
10पर हे यहोवा, तेंह मोर ऊपर दया कर;
11मेंह जानत हंव कि तेंह मोर ले खुस हवस,
12मोर ईमानदारी के कारन तेंह मोला संभाले रखथस