1जइसे हिरन ह पानी के सोता बर हांफथे,
2मोर जीव ह परमेसर बर, जीयत परमेसर बर पीयासा हवय।
3रात अऊ दिन
4जब मेंह अपन मन के बात ला रखथंव,
5हे मोर मन, तेंह काबर उदास होवत हस?
6मोर मन ह भीतरे-भीतर उदास हवय;
7तोर जल-परपात के गरजन म
8दिन के बेरा यहोवा ह अपन मया देखाथे,
9मेंह परमेसर अपन चट्टान ला कहिथंव,
10जब मोर बईरीमन ये कहिके