भजन-संहिता 44:1-25 CGOCV2024 - Bible AI

1हे परमेसर, हमन अपन कान ले सुने हवन;

2अपन हांथ ले तेंह जाति-जाति के मनखेमन ला निकालके भगा देय

3ओमन अपन तलवार के ताकत ले देस ला नइं जीतिन,

4तेंह मोर राजा अऊ मोर परमेसर अस,

5तोर जरिये ही हमन अपन बईरीमन ला पाछू ढकेल देथन;

6मेंह अपन धनुस ऊपर भरोसा नइं करंव,

7पर तेंह हमन ला हमर बईरीमन ऊपर जीत देवाथस,

8परमेसर ऊपर हमन दिन भर घमंड करत रहिथन,

9पर अब तेंह हमन ला तियाग दे हस अऊ हमर अनादर करे हस;

10तेंह हमन ला हमर बईरी के आघू ले भगा दे हस,

11तेंह हमन ला भेड़मन के सहीं मारे जाय बर देय दे हस

12तेंह अपन मनखेमन ला थोरकन दाम म बेच दे हस,

13तेंह हमन ला हमर पड़ोसीमन बर निन्दा के कारन बना दे हस,

14तेंह हमन ला जाति-जाति के मनखेमन के बीच म एक कहावत बना दे हस;

15मेंह दिन भर कलंक म जीयत हंव,

16ओमन के ताना मारे के कारन, जऊन मन मोर निन्दा करथें अऊ मोला गाली देथें,

17ये जम्मो कुछू हमर ऊपर होईस,

18हमर मन ह तोर ले नइं हटे रिहिस;

19पर तेंह हमन ला कुचर डारय अऊ हमन ला गीदड़मन के डेरा बना डारय;

20यदि हमन अपन परमेसर के नांव ला भुला गे रहेंन

21त का परमेसर ला ये बात के पता नइं चल गे होतिस?

22तभो ले तोर बर, हमन दिन भर मिरतू के जोखिम म रहिथन;

23हे परभू, जाग! तेंह काबर सुतत हस?

24तेंह काबर अपन मुहूं ला छिपात हस

25हमन ला खाल्हे धुर्रा म पटक दिये गे हवय;

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