1मोर हिरदय म एक ठन उत्तम बिसय आवत हे
2तेंह मनखेमन म सबले उत्तम अस
3हे बलसाली मनखे, तेंह अपन बाजू म तलवार ला धर ले;
4सच्चई, नमरता अऊ नियाय के हित म
5तोर नुकीला तीरमन राजा के बईरीमन के हिरदय ला छेद डारंय;
6हे परमेसर, तोर सिंघासन ह सदाकाल तक बने रहिही;
7तेंह धरमीपन ले मया अऊ दुस्टता ले घिन करथस;
8तोर जम्मो ओनहामन लोहबान, मुसब्बर अऊ दालचीनी के सुगंध ले महकत हंय;
9राजामन के बेटीमन तोर सम्मानित माईलोगनमन के बीच हवंय;
10हे बेटी, सुन, अऊ बने करके ये बात ऊपर धियान दे:
11राजा ह तोर सुघरता ला देखके मोहित होवय;
12सूर देस के सहर ह एक ठन भेंट लेके आही,+ 45:12 या सूर के कपड़ा भेंट के रूप म होथे*
13राजकुमारी ह अपन कमरा म पूरा सोभायमान हे;
14कसीदा करे कपड़ा पहिराके ओला राजा करा लाने जाथे;
15आनंद अऊ खुसी के संग ओमन ला लाने जाथे,
16तोर ददामन के जगह ला तोर बेटामन लीहीं;