भजन-संहिता 46:1-10 CGOCV2024 - Bible AI

1परमेसर ह हमर सरन-स्थान अऊ बल अय,

2एकरसेति हमन नइं डरन, चाहे धरती ह पलट जावय

3चाहे समुंदर के पानी ह गरजय अऊ ओमा ले फेन निकलय

4एक नदी हवय, जेकर जल-धारामन परमेसर के सहर ला खुस कर देथें,

5परमेसर ह ओ नगर+ 46:5 या यरूसलेम* म हवय, ओ नगर ह नइं गिरय;

6जाति-जाति के मनखेमन के बीच खलबली मचे हवय, कतको राजमन गिर जावत हें;

7यहोवा सर्वसक्तिमान ह हमर संग हवय;

8आवव अऊ यहोवा के काम ला देखव

9ओह धरती के छोर तक

10ओह कहिथे, “सांत रहव, अऊ ये बात ला जान लव कि मेंह परमेसर अंव;

cle>