1हे परमेसर, मोर पुकार ला सुन;
2धरती के छोर ले मेंह तोला पुकारत हंव,
3काबरकि तेंह मोर सरन-स्थान ठहिरे हस,
4मेंह लालसा करथंव कि तोर डेरा म हमेसा बर रहंव
5हे परमेसर, तेंह मोर मन्नतमन ला सुने हस;
6राजा के उमर ला बढ़ा,
7परमेसर के उपस्थिति म ओह हमेसा सिंघासन म बईठय;