1हे जम्मो धरती के मनखेमन, परमेसर बर आनंद के जय-जयकार करव!
2ओकर नांव के महिमा के गीत गावव;
3परमेसर ला कहव, “का ही अद्भूत अंय तोर काममन!
4जम्मो धरती के मनखेमन तोर दंडवत करथें;
5आवव अऊ देखव कि परमेसर ह का करे हवय,
6ओह समुंदर ला सूखा भुइयां कर दीस,
7ओह अपन सामर्थ ले सदाकाल बर सासन करथे,
8हे जम्मो मनखेमन, हमर परमेसर के परसंसा करव,
9ओह हमर जिनगी ला बचाय हवय
10हे परमेसर, तेंह हमन ला परखे हस;
11तेंह हमन ला जेल म ले आय
12तेंह मनखेमन ला हमर मुड़ ऊपर सवारी करे बर दे हस;
13मेंह तोर मंदिर म होम-बलिदान लेके आहूं
14ओ मन्नत, जेकर परतिगियां मेंह अपन ओंठ ले करे रहंय अऊ अपन मुहूं ले माने रहंय
15मेंह तोला मोटा-ताजा पसु
16ओ जम्मो झन, जऊन मन परमेसर के भय मानथव, आवव अऊ सुनव;
17मेंह अपन मुहूं ले ओला पुकारेंव;
18कहूं मेंह अपन मन म पाप करे होतेंव,
19पर खचित परमेसर ह धियान दे हवय