1हे परमेसर, तेंह काबर हमन ला हमेसा बर छोंड़ दे हस?
2ओ जाति के मनखेमन ला सुरता कर, जेमन ला तेंह बहुंत पहिले बिसाय रहय,
3अपन कदम ला ये अनंतकाल के बिनास के तरफ कर,
4तोर बिरोधीमन ओ जगह म गरजत हें, जिहां तेंह हमर ले मुलाकात करे रहय;
5ओमन अइसने बरताव करिन, जइसने मनखेमन घोर जंगल म
6ओमन अपन टांगा अऊ टंगिया ले
7ओमन तोर पबितर-स्थान ला जलाके धुर्रा म मिला दीन;
8ओमन अपन मन म कहिन, “हमन ओमन ला पूरा कुचर देबो!”
9हमन ला परमेसर ले कोनो चिनहां नइं दिये जावत हे;
10हे परमेसर, कब तक बईरी ह तोर ठट्ठा करत रहिही?
11काबर तेंह अपन हांथ ला रोके रहिथस, अपन जेवनी हांथ ला?
12पर परमेसर ह बहुंत पहिले से मोर राजा ए;
13येह तें रहय, जऊन ह अपन सक्ति ले समुंदर ला दू भाग कर देय;
14येह तें रहय, जऊन ह लिबयातान+ 74:14 लिबयातान समुंदर के एक बड़े जीव* के मुड़ ला कुचरके
15येह तें रहय, जऊन ह सोता अऊ झरनामन ला खोलके पानी के धारा बहाय;
16दिन ह तोर ए, अऊ रथिया ह घलो तोर ए;
17येह तें रहय, जऊन ह धरती के जम्मो सीमना ला बांधय;
18हे यहोवा, सुरता कर कि बईरी ह कइसे तोर ठट्ठा करे हवय,
19अपन पंड़की के जिनगी ला जंगली पसुमन के हांथ म झन सऊंप दे;
20अपन करे गय करार के लाज ला रख,
21अतियाचार सहनेवाला मनखे ला लज्जा म झन पड़न दे;
22हे परमेसर, उठ अऊ अपन मामला के बचाव कर;