भजन-संहिता 75:1-10 CGOCV2024 - Bible AI

1हे परमेसर, हमन तोर परसंसा करथन, हमन तोर परसंसा करथन, काबरकि तोर नांव ह लकठा म हवय; मनखेमन तोर अद्भूत काम के बखान करथें।

2तेंह कहिथस, “ठहिराय गय समय ला मेंह तय करथंव; बिगर पखियपात के मेंहीच ह नियाय करथंव।

3जब धरती अऊ येकर जम्मो मनखेमन कांपथें, त मेंहीच येकर खंभामन ला मजबूती से थामे रहिथंव।

4घमंडी ला मेंह कहिथंव, ‘अऊ घमंड झन कर,’ अऊ दुस्टमन ला कहिथंव, ‘अपन सींग+ 75:4 सींग इहां सक्ति के प्रतीक ए; पद 5अऊ 10म घलो ला ऊंच झन करव।

5स्वरग के बिरूध अपन सींग झन उठावव; बहुंत ढिठई के बात झन करव।’ ”

6पूरब या पछिम ले या निरजन प्रदेस ले कोनो भी मनखे अपनआप ला ऊपर नइं उठा सकय।

7येह परमेसर ए, जऊन ह नियाय करथे: ओह एक झन ला खाल्हे गिरा देथे, त दूसर झन ला ऊपर उठाथे।

8यहोवा के हांथ म एक कटोरा हवय जऊन ह मसाला मिले झागवाला अंगूर के मंद ले भरे हवय; ओह येला ढारथे, अऊ धरती के जम्मो दुस्टमन कटोरा के खाली होवत तक येला पीथें।

9जहां तक मोर बात ए, मेंह हमेसा येकर घोसना करहूं; मेंह याकूब के परमेसर के परसंसा के गीत गाहूं,

10जऊन ह कहिथे, “मेंह जम्मो दुस्टमन के सींग ला काट डारहूं, पर धरमीमन के सींग ला ऊपर करे जाही।”

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