1हे परमेसर, हमन तोर परसंसा करथन,
2तेंह कहिथस, “ठहिराय गय समय ला मेंह तय करथंव;
3जब धरती अऊ येकर जम्मो मनखेमन कांपथें,
4घमंडी ला मेंह कहिथंव, ‘अऊ घमंड झन कर,’
5स्वरग के बिरूध अपन सींग झन उठावव;
6पूरब या पछिम ले या निरजन प्रदेस ले
7येह परमेसर ए, जऊन ह नियाय करथे:
8यहोवा के हांथ म एक कटोरा हवय
9जहां तक मोर बात ए, मेंह हमेसा येकर घोसना करहूं;